राहत योजना के पहले चरण में बिजली विभाग के खजाने में आया 117 करोड़, 96 हजार उपभोक्ताओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
जौनपुर में बिजली बिल राहत योजना के पहले चरण में 96,232 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया, जिससे बिजली विभाग को 117 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सरकार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जौनपुर। बिजली बिल राहत योजना के प्रथम चरण में 31 दिसंबर तक 96232 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया व एक अरब 17 करोड़ रुपये बिजली विभाग के खजाने में आया है।विभाग द्वारा नए साल का तोहफा देते हुए तीन जनवरी तक समय बढ़ा दिया है।
बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने बिजली बिल राहत योजना लागू किया है। प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हित में सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बिजली बिल राहत योजना लागू किया है। इस योजना के अंतर्गत नेवरपेड और लांग्स अनपेड उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी उपभोक्ता बिजली बिल के बोझ तले दबा न रहे और साथ ही राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने। प्रथम चरण में जनपद के 274 स्थानों पर कैंप लगाकर बकाएदारों का पंजीकरण कराने के साथ ही बकाया वसूला गया।
एक माह चले अभियान में सर्किल प्रथम में 34013 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया और 47.40 करोड़ रुपये बकाया जमा कराया गया, वहीं सर्किल द्वितीय में 62219 बकायेदार योजना से जुड़े। विभाग को 70.12 करोड़ रुपये बकाया प्राप्त हुए।
31 दिसंबर तक वसूली का आंकड़ा
- योजना में आने वाले बकायेदार उपभोक्ता-524546।
- बकायेदारों पर कुल बकाया- 2321.447 करोड़ रुपये।
- अब तक पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ता-96232।
- विभाग को एक माह में प्राप्त धनराशि-117.52 करोड़।
उपभोक्ता को नए साल का तोहफा
आर्थिक रूप से कमजोर बकाएदार उपभोक्ताओं को सरकार ने नए साल में तोहफा दिया है। बिजली बिल राहत योजना के प्रथम चरण की तिथि तीन जनवरी तक बढ़ा दी है। उपभोक्ता पंजीकरण कराकर 100 प्रतिशत सरचार्ज के साथ ही मूलधन में भी 25 प्रतिशत छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। -अनिल पाठक, अधीक्षण अभियंता सर्किल द्वितीय।

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