नहीं बने बायोमेडिकल वेस्ट शेड, बीमारी फैला रहे सरकारी अस्पताल
जागरण संवाददाता जौनपुर जनपद के खैराती अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट को रखने ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जौनपुर: जनपद के खैराती अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट को रखने और निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मचारी कचरों को इधर-उधर फेंक देते हैं, जो बीमारियों के वाहक बने हैं। जिला अस्पताल समेत 24 अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट शेड के निर्माण के लिए 72 लाख अवमुक्त किया गया। निर्माण की जिम्मेदारी पूर्व जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को सौंपी थी। तीन साल बीत गए, लेकिन अभी तक शेड का निर्माण नहीं हो पाया है।
जनपद के अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन की जिले में कोई व्यवस्था नहीं है। प्राइवेट अस्पतालों का कचरा जहां इलाहाबाद व वाराणसी की कचरा प्रबंधन फैक्ट्री संचालक ले जाते हैं वहीं सरकारी अस्पतालों का कचरा आस-पास फेंका जाता है। जिसके चलते लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इस समस्या से निजात के लिए शासन से वर्ष 2018-19 में नई पहल करते हुए जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व ब्लाक स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेडिकल वेस्ट शेड का निर्माण के लिए 72 लाख रुपये अवमुक्त किया गया। विभाग ने अभी तक एक भी शेड पूर्ण करके विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया। बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन से जूझ रहे अस्पतालों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोभी भी है जो कायाकल्प योजना में लगातार चार साल से प्रदेश स्तर पर पुरस्कार पाने वालों की सूची में रहता है और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार का प्रमुख दावेदार है।
बोले जिम्मेदार..
अधिकांश अस्पतालों में शेड बनकर तैयार है। अधूरे शेड इस माह के अंत पूर्ण करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को कहा गया है। जल्द ही सभी शेड हैंडओवर कर दिए जाएंगे।
-डाक्टर राकेश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी जौनपुर।

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