हरिद्वार से रामेश्वरम जा रहे कांवड़ियों को ट्रक ने मारी टक्कर, एक की मृत्यु
हरिद्वार से रामेश्वरम जा रहे सासनी के कांवड़ियों की टोली महाराष्ट्र के नागपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे एक का ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, जागरण, सासनी। हरिद्वार से रामेश्वरम तक कांवड़ लेकर गई सासनी के गांव समामई के युवाओं की टोली हादसे का शिकार हो गई। नागपुर के पास कांवड़ियों को ट्रक ने टक्कर मार दी। इसमें एक कांवड़िये की मौत हो गई, तीन घायल हुए हैं। गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की कामना को लेकर सासनी के युवा 59 दिन पहले रवाना हुए थे। हादसे की खबर आते ही परिवार में कोहराम मच गया।
गाय को राष्ट्रमाता के दर्जे की कामना लेकर गई थी सासनी क्षेत्र के कांवड़ियों की टोली
सासनी के गांव समामई निवासी भोला पंडित के साथ पांच लोग जगदीश, यश, छोटू एवं सुनील कांवड़ भरने गए थे। तीन नवंबर को उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ भरी थी। यहां से रामेश्वरम के लिए रवाना हुए। कांवड़ में 51 किलो गंगाजल लेकर यह लोग चल रहे थे। भोला पंडित ने फोन पर बताया कि गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की कामना को लेकर वह निकले थे। महाराष्ट्र के नागपुर से 100 किलोमीटर निकलने पर वर्धा बड़नेर क्षेत्र में ट्रैक्टर व पैदल चल रहे कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इससे उनके साथी 40 वर्षीय जगदीश की मौके पर मौत हो गई।
महाराष्ट्र में वर्धा क्षेत्र में हादसा स्वजन पर खबर आते ही मचा कोहराम
छोटू, सुनील व भोला को गंभीर चोटे आई हैं। भोला पंड़ित ने खुद इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अत्यंत भावुक हालत में हादसे की जानकारी दी तो लाेग सहम गए। मोबाइल में बैटरी नहीं होने पर एक कार में मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर उन्होंने हादसे के बारे में बताया। उन्होंने आराेप लगाया है कि सासनी क्षेत्र के कुछ लोग इससे खुश नहीं थे। उन्होंने साजिशन यह घटना कराई है।
मां के बाद पिता ने भी छोड़ साथ
हादसे में मृत जगदीश की पत्नी की कुछ माह पहले मृत्यु हो चुकी है। वह अपने 16 वर्षीय बेटे यश के साथ गए थे। हादसे में जगदीश की मृत्यु के बाद उनका बेटा यश अनाथ हो गया है। इसको लेकर लोगों की आंखें नम हो गईं।

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