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    फिरौती के 3 लाख रुपये लेकर कर देते Jio फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज की हत्या, पुलिस ने बचाई जान

    Updated: Sat, 04 Jan 2025 10:36 AM (IST)

    Hathras News जिओ फाइबर कंपनी के मैनेजर अभिनव भारद्वाज के अपहरण की गुत्थी सुलझने लगी है। बदमाशों ने 3 लाख रुपये की फिरौती लेकर अभिनव की हत्या करने की योजना बनाई थी। मुरादाबाद बस स्टैंड पर अभिनव के परिजनों को बुलाया गया था। रुपये लेकर कार से बदमाश भागने लगे थे। एसटीएफ और हाथरस पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अभिनव को सकुशल छुड़ा लिया गया।

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    Hathras News: जिओ फाइबर कंपनी के मैनेजर अभिनव भारद्वाज का फोटो।

    जागरण संवाददाता, हाथरस। जिओ कंपनी के मैनेजर अभिनव भारद्वाज के अपहरण की जानकारी के बाद से पुलिस की टीमें कई जिलों में तलाश कर रहीं थीं। टिल्लू ताजपुरिया गैंग के नाम से 20 लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी।

    अपहरणकर्ताओं की कई बार फोन पर अभिनव की पत्नी से बात हुई। पत्नी ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देकर दो-तीन लाख रुपये के इंतजाम की बात कही। बदमाश इतनी रकम लेने को ही तैयार हो गए थे। तीन लाख रुपये लेकर अभिनव की हत्या की तैयारी थी।

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    मुरादाबाद बस स्टैंड पर बुलाए माता−पिता

    बदमाशों ने अभिनव के पिता औऱ भाई को रुपये लेकर मुरादाबाद के बस स्टैंड पर बुलाया। इनसे तीन लाख रुपये लेकर बदमाश भाग रहे थे, कि हाथरस पुलिस और एसटीएफ की टीम ने उन्हें घेर लिया। गैंग के सदस्य अल्मोड़ा, बुलंदशहर, गाजियाबाद के हैं। सभी लोग एक जनवरी को सिकंदराराऊ में थे। वहां शराब पीने के दौरान उनका अभिनव से विवाद हुआ तो उसे वह उसे कार में डालकर ले गए।

    मुरादाबाद से सकुशल छुड़ाए अभिनव 

    एसटीएफ और हाथरस पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में नंदन स्वीट्स के पास मुठभेड़ हुई। इसमें अपहरणकर्ता विशाल गोली लगने से घायल हो गया। घायल विशाल अल्मोड़ा जिले के धारानौला थाना क्षेत्र के रजपुरा गांव का रहने वाला है। अभिनव को सकुशल छुड़ा लिया गया।

    अभिनव के घर पर स्वजन से बात करती हाथरस पुलिस।

    मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं अभिनव भारद्वाज

    मूलरूप से बिहार के बेगूसराय निवासी अभिनव भारद्वाज जिओ फाइबर कंपनी में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। उनके माता-पिता और स्वजन वर्तमान में गाजियाबाद के गोल चक्कर इलाके में रहते हैं। दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में उनकी ससुराल है। अभिनव की तैनाती दो वर्ष से हाथरस में है। वह पत्नी स्वीटी भारद्वाज और बेटा अंश भारद्वाज के साथ हाथरस के नवल नगर इलाके में रह रहे थे।

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    एक जनवरी को लंच करने की कहकर निकले थे

    पत्नी के अनुसार वह एक जनवरी की दोपहर एक बजे सिकंदराराऊ में दोस्तों के साथ लंच करने की कहकर निकले थे। इस बीच उनकी कई बार पति से बात होती रही। शाम सात बजे के बाद उनसे बातचीत बंद हो गई। रात को नौ बजे अभिनव के नंबर से पत्नी पर फोन आया।

    कॉल करने वाले व्यक्ति ने अभिनव के अपहरण की बात कही। खुद को टिल्लू ताजपुरिया गैंग का सदस्य बताते हुए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। यह सुनकर पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई। रात भर वह परेशान रही। गुरुवार को वह अपने स्वजन के साथ कोतवाली हाथरस गेट पहुंची और पुलिस को पूरी घटना के बारे में अवगत कराया।