महराष्ट्र हादसे में मृत हाथरस के दो युवकों का शव घर पहुंचा, चारों ओर पसरा मातम
हाथरस के समामई गांव में उस समय शोक का माहौल छा गया जब 'गो माता को राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की पदयात्रा पर निकले श्रद्धालु जगदीश का शव पहुंचा। महा ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हाथरस। गांव समामई में उस समय गमगीन माहौल हो गया, जब गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए पदयात्रा पर निकले एक श्रद्धालु का शव गांव पहुंचा। महाराष्ट्र के वाडनेर में दो जनवरी को हुए एक हादसे में श्रद्धालु की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि हादसे में घायल हुए एक अन्य श्रद्धालु शनिवार रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
उसका शव कल उसके गांव पहुंचेगा। घटना की जानकारी मिलते ही श्रद्धांजलि देने के लिए काफी संख्या हिंदूवादी कार्यकर्ता आ गए। सैलाब की सूचना पर फोर्स आकर मुस्तैद हो गया।
सासनी के गांव समामई निवासी भोला पंडित गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए सुनील, लक्ष्मी नारायन, यश उर्फ बाबू, 45 वर्षीय जगदीश और 16 वर्षीय पीयूष के साथ हरिद्वार से रामेश्वरम तक 51 लीटर गंगाजल कावड़ लेकर गए थे। भोला पंडित के साथ उक्त सभी ट्रैक्टर में सवार थे।
बीते शुक्रवार को महाराष्ट्र के नागपुर के वार्डहर थाना क्षेत्र के वाडनेर के पास एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में उनके साथी जगदीश की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि पीयूष दीक्षित हाथरस जंक्शन गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीयूष ने भी शनिवार देर रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। भोला पंडित भी इस दुर्घटना में चोटिल हुए। रविवार दोपहर ढाई बजे जगदीश का शव गांव समामई पहुंचा तो पूरा गांव मातम में डूब गया।
स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में गमगीन माहौल में लोगों के घर चूल्हे नहीं जले। शव के पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में हिंदुवादी संगठनों के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। उन्होंने जय श्री राम के जयघोष लगाते हुए शव वाहन को रोक लिया और श्रद्धांजलि दी।
भोला पंडित ने इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर भावुक अपील की थी कि सभी हिंदूवादी संगठन रविवार दोपहर दो बजे गांव में एकत्रित हों। उनकी अपील का व्यापक असर दिखा गांव में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान काफी संख्या में गांव में कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
भोला पंडित ने एसडीएम नीरज शर्मा और सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण से मिलकर जगदीश के नाबालिग बेटे के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। गमगीन माहौल में जगदीश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के लोगों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
बेटा हुआ अनाथ
छह माह पहले यश की मां की बीमारी से मृत्यु हो गई थी, जिस कारण जगदीश भी भोला पंडित के साथ अपने 15 वर्षीय बेटे यश के साथ गए थे, जहां सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु के बाद उनका बेटा यश अकेला रह गया।
घटना के बाद पकड़ा गया ट्रक चालक
सीओ योगेश कृष्ण नारायण ने बताया कि वहां के पुलिस अधिकारी से वार्ता हुई है, उन्होंने ट्रक चालक सूरज प्रसाद थाना वाडनेर जिला वार्डहर, जो कि कोयले की खदान से स्टील फैक्ट्री में कोयला ले जा रहा था उसे स्थानीय पुलिस ने पकड़ लिया है।
मां को नहीं मालूम कि उसका बेटा इस दुनिया से चला गया
हाथरस जंक्शन के पीयूष दीक्षित की मां को अभी तक नहीं मालूम कि उसके बेटे की भी दुर्घटना में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। वह अपने बेटे का आने का इंतजार कर रहीं हैं। पीयूष कक्षा नौंवी का छात्र है। पीयूष पांच दिन पहले ही नागपुर गया था।

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