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    नहीं थम रहा आदमखोर तेंदुए का आतंक, लोगों को कई बार दिए दिखाई; NCR के इस जिले में होने के संकेत

    By Dhrub Sharma Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Sun, 09 Mar 2025 05:17 PM (IST)

    हापुड़ के कई गांवों में तेंदुआ दिखाई देने से किसानों में दहशत है। रविवार को हशूपुर गांव के जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने से ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए ने ही गोवंश को निवाला बनाया है। वन विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। किसानों ने बताया कि करीब 50 मीटर तक गेहूं में गाय के घसीटने के निशान थे।

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    हापुड़ के हशूपुर में देखा गया तेंदुआ। जागरण

    जागरण संवाददाता, हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में समय-समय पर तेंदुआ दिखाई देता रहा है। रविवार सुबह हशूपुर गांव के जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने से किसानों में दहशत फैल गई है।

    ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से हशूपुर, दौताई, पौपाई, वैठ, नवादा, नयाबांस, सिखेड़ा समेत कई गांवों के जंगलों में कई बार तेंदुआ देखा जा चुका है।

    इसकी सूचना वन विभाग को दी जाती है, लेकिन हर बार जांच का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। रविवार की सुबह हशूपुर के कुछ किसान राहुल के खेत में गन्ना छीलने गए तो वहां गाय के अवशेष पड़े मिले। यह देख किसान हैरान रह गए।

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    करीब 50 मीटर तक गेहूं में गाय के घसीटने के निशान

    किसानों ने बताया कि करीब 50 मीटर तक गेहूं में गाय के घसीटने के निशान थे। ऐसे में पूरी संभावना है कि तेंदुए ने गाय को निवाला बनाया हो। लोगों का कहना है कि कई बार तेंदुआ दिखने के बाद भी वन विभाग उसे पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। वह सिर्फ खेतों में आता है और औपचारिकता पूरी कर चला जाता है।

    कुछ अनसुलझे सवाल

    • ग्रामीण बार-बार तेंदुआ देखने की बात क्यों कह रहे हैं
    • अगर ग्रामीण सच बोल रहे हैं तो वन विभाग तेंदुआ होने से क्यों इनकार कर रहा है
    • रविवार को गेहूं में करीब 50 मीटर तक घसीटने के निशान किसके हैं?
    • क्या कुत्ते आदि इतने बड़े मवेशी को इतनी दूर तक घसीट सकते हैं?
    • इंटरनेट मीडिया पर फोटो सहित सूचना प्रसारित की गई, लेकिन विभाग को इसकी जानकारी नहीं

    हमारे क्षेत्र में कई महीने पहले झड़ीना की तरफ तेंदुआ आया था। क्योंकि यह अभ्यारण्य क्षेत्र है। अब यहां तेंदुआ नहीं है। वह हापुड़ की तरफ चला गया है। लोग बेवजह गलत जानकारी देते हैं। कोई कहता है शेर है, कोई कुछ और कहता है। तेंदुए द्वारा मवेशियों को खाने के बारे में अभी तक मुझे कोई जानकारी नहीं है।

    - गौरव कुमार, वन दरोगा, ध्रुव शर्मा

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