सालों से दिल्ली-NCR में लूटपाट, आर्म्स एक्ट के आठ मामले दर्ज; गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने ऐसे बिछाए जाल
कुख्यात गैंगस्टर विकास उर्फ लगरपुरिया गैंग के शूटर अमित उर्फ मिट्टा को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। पिछले साल छावला में हुए गैंगवार में उसने विरोधी गैंग के एक बदमाश को गोली मारी थी। उसके पास से एक अवैध पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। उसके खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में लूट हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के आठ मामले दर्ज हैं।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने कुख्यात गैंगस्टर विकास उर्फ लगरपुरिया गैंग के शूटर अमित उर्फ मिट्टा को गिरफ्तार किया है। पिछले साल छावला में हुए गैंगवार में उसने विरोधी गैंग के एक बदमाश को गोली मारी थी। घायल बदमाश की इलाज के बाद जान बच गई।
अमित उस मामले में वांछित था। उसके पास से एक अवैध पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। उसके खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के आठ मामले दर्ज हैं।
आर्म्स एक्ट में केस दर्ज
डीसीपी क्राइम ब्रांच सतीश कुमार के मुताबिक अमित, गांव रोशनपुरा, नजफगढ़ का रहने वाला है। वह लंबे से कई आपराधिक मामलों में विकास उर्फ लगरपुरिया गिरोह से जुड़ा हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के बाद, अवैध हथियार बरामद होने पर क्राइम ब्रांच में आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया।
बना रहा था आपराधिक वारदात की योजना
31 अक्टूबर को उसने छावला में एक अपराधी को गोली मारी थी। तब से वह गिरफ्तारी से बच रहा था और बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था। 4 मार्च को एसआई श्री ओम को सूचना मिली कि विकास गैंग का अपराधी अमित अपने साथियों धारा आदि के साथ मिलकर कोई नई आपराधिक वारदात की योजना बना रहा है।
इस सूचना के आधार पर एसीपी रविंद्र कुमार और इंस्पेक्टर पवन सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने अमित को धूलसिरस रोड, सेक्टर 23, द्वारका से दबोच लिया।
अपराधी की पढ़ाई-लिखाई
उसने 2011 में ओपन स्कूलिंग के जरिए 10वीं और गुरुग्राम के सरकारी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उसने एमडीयू यूनिवर्सिटी, रोहतक से पत्राचार के ज़रिए बीए सेकंड ईयर की डिग्री हासिल की।
उसकी आपराधिक गतिविधियाँ 2010-2011 में उसके स्कूल के दिनों में ही शुरू हो गई थीं, जब वह बाइक दुर्घटना में शामिल था। उसका पहला बड़ा अपराध 2016 में हुआ, जब उसने और उसके साथियों ने गुरुग्राम में एक इनोवा और एक सफारी कार छीनी, बाद में वह हरियाणा के दादरी में पकड़ा गया।
2017 में अमित ने अपने साथियों अनिल जून, जानी, राजू और अन्य के साथ मिलकर मंढोठिया लीला पर फायरिंग की थी, हालांकि लीला भागने में सफल रहा था। जवाबी कार्रवाई में भैरो लीला के भाई और उसके साथियों ने अमित और उसके साथी रोहित पर फायरिंग की, जिससे दोनों घायल हो गए।
अस्पताल में भर्ती कराने के बाद गिरफ्तार
बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। 2018 में अमित और उसके साथियों बिंदा और जंती ने विक्रम उर्फ दीनपुर पर फायरिंग की थी। बिंदा से पूछताछ के बाद अमित को गिरफ्तार किया गया। 2020 में अमित को नजफगढ़ के रोशनपुरा में बीडीओ ऑफिस में ड्रग से जुड़ी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
सोसायटी के दो फ्लैटों से पैसे चुराए
2021 में अमित गुरुग्राम में एक बड़ी चोरी के मामले में शामिल था, जहाँ उसने विकास लगरपुरिया और अन्य लोगों के साथ मिलकर गुरुग्राम के खेड़की डोला के पास एक सोसायटी के दो फ्लैटों से पैसे चुराए थे। अमित को सीआई हरियाणा पुलिस ने पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
2024 में अमित और उसके साथियों का हनी और उसके गिरोह के सदस्यों के साथ टकराव हुआ, जिसके दौरान अमित ने गोली चलाई और हनी के एक साथी को घायल कर दिया।
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