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    हाड़ कंपा देने वाली ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, शीतलहर का कहर जारी; मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 04:36 PM (IST)

    हापुड़ में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, और पांच दिनों से धूप नहीं निकली है। सर् ...और पढ़ें

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    हापुड़ में हाड़ कंपा देने वाली ठंड। जागरण

    जागरण संवाददाता, हापुड़। शीतलहर के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पांच दिन से धूप नहीं निकलने के साथ ही तेज सर्द हवाओं ने मौसम को गलनभरा बना दिया है। इसके चलते कंपकंपी फैली हुई है। दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।

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    मौसम विभाग ने शीतलहर का रेड-अलर्ट जारी किया है। सर्द हवाओं के साथ ही घने कोहरे ने लाेगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं सर्दी से बीमार होने वालों की संख्या बढ़ गई है। एक्सपर्ट ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं, घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने पर जोर दिया जा रहा है।

    जिलाधिकारी ने शहरों से लेकर गांवों तक में अलाव जलाने के आदेश दिए हैं। वहीं, रैन बसेरों में व्यवस्था को दुरुस्त रखने और लगातार निगरानी करने को कहा गया है।

    मौसम विभाग ने शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। एक सप्ताह से चल रही शीतलहर तेज ठंडी हवाओं के चलने से और भयावह हो गई है। भीषण सर्दी के साथ ही गलनभरा मौसम हो गया है।

    धूप नहीं निकलने से दिनरात तापमान कम बना हुआ है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के मध्य अंतर कम रहने से लोगों को सर्दी का अहसास ज्यादा हो रहा है। न्यूनतम व अधिकतम तापमान में कमी के साथ ही बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने रात में खुली हवा में बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी है।

    लापरवाही सेहत पर पड़ सकती है भारी

    तापमान कम रहने के साथ ही बर्फीली हवाआें ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंडी हवाएं के चलते मौसम बेहद सर्द हो गया है। घरों से बाहर निकलते ही कंपकंपी का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों के बीमारी की चपेट में आने का भय बना हुआ है। चिकित्सकों ने रक्तचाप, हृदय रोगियों, बच्चों और बीमारों को खुली हवा में बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी है।

    दिन .................. तापमान
    बृहस्पतिवार .............. 06/16
    शुक्रवार .............. 05/17
    शनिवार .............. 05/16
    रविवार .............. 05/16
    सोमवार .............. 07/17

    पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं से ठिठुरे मैदान

    पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। इसका प्रभाव मैदानी क्षेत्रों तक हो रहा है। पहाड़ों की आेर से चल रही बर्फीली हवाओं के कारण मैदानों में भी ठिठुरन बढ़ गई है। पांच दिन से धूप नहीं निकली है। रात को घने कोहरे का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ठंडी हवाओं के कारण लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे रहने को मजबूर हैं। बाजारों में जगह-जगह अलाव जल रहे हैं।

    फसलों पर भी मंडराया संकट

    कोहरा पड़ने और धूप नहीं निकलने से फसलों पर संकट बढ़ रहा है। इससे सरसों, आलू, मटर और सब्जी की फसलों में चैपा व झुलसा रोग फैलने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मौसम में फसलों में फंगस फैल जाता है। जिसका प्रभाव फसलों की बढ़वार व पैदावार पर पड़ता है। ऐसे में फसलों की लगातार सिंचाई करने और बीमारी होने पर विशेषज्ञाें की सलाह से छिड़काव करने की सलाह दी है।

    अस्पतालों में बढ़ रही है बीमाराें की संख्या

    सर्दी के कारण अस्पतालों में खांसी, रक्तचाप, हृदय रोग, न्यूमोनियां और सांस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं धूप नहीं निकलने से लोगों के कपड़े नहीं सूख पा रहे हैं। जिससे स्किन इंफेक्शन के रोगी बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों ने पूरी तरह सूखे हुए कपड़े पहनने की सलाह दी है।

    रात को सफर करने से बचने की सलाह

    मौसम में बदलाव के चलते रात में कोहरा पड़ रहा है। इसके साथ ही तापमान कम रहने से शीशे पर गहरी परत जम जाती है। जिससे दृस्यता प्रभावित होती है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रात में वाहन चलाने से परहेज करने और हर हाल में यातायात के नियमों का पालन करने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही बड़ी घटना का कारण बन सकती है।

    अभी शीतलहर का प्रकाेप जारी रहेगा। जिससे ठिठुरन का सामना करना पड़ेगा। तापमान कम रहने के चलते सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड से बचकर रहें और बीमार होने पर तत्काल अपने चिकित्सक से संपर्क करें। ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचकर रहने की जरूरत है। - डॉ. अशोक कुमार, मौसम विज्ञानी-कृषि विज्ञान केंद्र