ब्रजघाट को मिनी हरिद्वार में विकसित करने की तैयारी: पर्यटन, औद्योगिक गलियारा और बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल
उत्तर प्रदेश सरकार गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट को 'मिनी हरिद्वार' के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसमें पर्यटन, औद्योगिक गलियारा और बुनियादी ...और पढ़ें

तीर्थ नगरी में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे होने वाले विकास कार्य सबसे अधिक महत्वकांक्षी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, गढ़मुक्तेश्वर(हापुड़)। हरिद्वार के उत्तराखंड़ में जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार तीर्थ नगरी ब्रजघाट को मिनी हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए सरकार ने विभिन्न याेजनाओं के माध्यम से तीर्थ नगरी के साथ ही गढ़ तहसील क्षेत्र को विकास की राह पर आगे ले जाने का प्रारुप तैयार किया है।
इसमें सबसे अधिक महत्वाकांक्षी योजना गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे एवं तीर्थ नगरी में होने वाले विकास कार्यो पर है।
आस्था का केंद्र है ब्रजघाट
दिल्ली लखनऊ हाईवे के सहारे एवं गंगा के पश्चिमी छोर पर बसी तीर्थ नगरी ब्रजघाट लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों लोग गंगा स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना करते है। इसके अतिरिक्त पूर्णिमा एवं अमावस्या पर यहां लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है।
सरकार द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से यहां पक्का घाट, आरती स्थल, मोक्ष स्थली आदि का निर्माण कराया गया है। इसी के साथ अब यहां वन विभाग द्वारा बायोडायवर्सिटी पार्क निर्माणाधीन है। पार्क का निर्माण होने के बाद पार्क में तरह-तरह के पेड़ व पौधे और विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु उपलब्ध होंगे।
पर्यटकों की संख्या में होगी बढ़ोतरी
इससे गंगानगरी में पर्यटन की दृष्टि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। इससे गंगानगरी आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा करने में सुविधा मिलेगी। चंद दिनों पूर्व ही सरकार ने गंगानगरी में पर्यटन सुविधा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा जमीन का चयन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जल्द ही नए थाने की सौगात तीर्थ नगरी ब्रजघाट को मिलने की योजना पाइप लाइन में है तो वहीं ब्रजघाट में नए बाइपास को स्वकृति मिल गई है, जिसका कार्य इसी माह शुरू होने जा रहा हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे से जमीनों के बढ़ गए दाम
गढ़ तहसील क्षेत्र से गंगा एक्सप्रेसवे निकल रहा है। इसके सहारे बहादुरगढ़ के पांच गांवों ठेरा, चुचावली, सदरपुर, भैना में 130 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए प्रस्ताव है। इसमें अभी तक 38 एकड़ जमीन का खरीदा जा चुका है, जबकि शेष जमीन को खरीदने की प्रकिया जारी है।
यहां से करीब दस किलोमीटर आगे शंकराटीला के पास 12 एकड़ जमीन पर प्लाजा हाऊस को बनाने का प्रस्ताव है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही विकास की गंगा बहेगी। इसके अतिरिक्त शंकराटीला एवं पांडवों की सैरगाह के रुप में प्रसिद्व धार्मिक नगरी पूठ जो गंगा किनारे बसे हुए यहां पयर्टन को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन विभाग द्वारा पुष्पावती पूठ को पहले ही पर्यटन गांव के रुप में चयन कर लिया गया है।
मुख्य योजनाएं
- तीर्थ नगरी ब्रजघाट में 5 से 10 एकड़ जमीन पर पर्यटन स्थल
- पूठ को पर्यटन गांव के रूप में चयनित कर टूरिज्म को बढ़ावा
- तीर्थ नगरी में मल्टीनेशनल पार्किंग
- सदरपुर के पास 130 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा
- पूठ शंकराटीला के पास गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 12 एकड़ में प्लाजा हाउस
- तीर्थ नगरी ब्रजघाट में नए थाने की प्रक्रिया पाइपलाइन में
- तीर्थ नगरी में बायोडायवर्सिटी पार्क निर्माणाधीन
- ब्रजघाट में बाइपास बनाने का कार्य इसी माह शुरू
- तीर्थ नगरी के पास 5 एकड़ में हवाई पट्टी
सरकार की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। इनमें से कई योजनाओं पर कार्य चल रहा है तो वहीं कई योजनाओं के लिए जमीन चयनित अथवा खरीद की प्रक्रिया चल रही है। सभी योजनाओं को चरणबद्व एवं समय पर पूर्ण कर लिया जाएगा।
श्रीराम यादव, एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर

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