Hapur News: भाई की मौत के बाद सदमे में आई बहन ने भी त्यागे प्राण, भाईदूज के त्योहार पर मायके आई थी महिला
Hapur News भाई-बहन के प्रेम और मौत का किस्सा जिसने भी सुना उसकी आंखों से आंसू नहीं रूके। गमगीन माहौल में दोनों के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। मगर ...और पढ़ें

हापुड़ [केशव त्यागी]। बहन का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता। अक्सर रिश्ते दूरियों से फीके पड़ जाते है मगर, भाई-बहन का प्यार कभी कम नहीं होता। ऐसा ही अटूट प्रेम थाना बहादुरगढ़ के गांव गंदू नंगला की रहने वाली वृद्धा कमलेश देवी (65 वर्षीय) का अपने छोटे वृद्ध भाई टूंडा सिंह (60 वर्षीय) के प्रति था। बृहस्पतिवार देर रात हृदय गति रुकने से भाई की सांसें थम गई तो बहन भी इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकी।

भाई के शव से लिपटकर वह बिलखती रही और थोड़ी ही देर बाद ही वियोग में अपने प्राण त्याग दिए। भाई-बहन के प्रेम और मौत का किस्सा जिसने भी सुना उसकी आंखों से आंसू नहीं रूके। गमगीन माहौल में दोनों के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। मगर यह घटना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बहन भाईयों में था अटूट प्रेम
गांव गंदू नंगला के रहने वाले प्रीतम सिंह और कृष्णा देवी के दो पुत्रों में टूंडा सिंह (60 वर्षीय) सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई इतवारी सिंह और बहन कमलेश देवी (65 वर्षीय) थी। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों बहन-भाई के बीच अटूट प्रेम का रिश्ता था। कमलेश देवी की शादी जिला बुलंदशहर के गांव बुकलाना के रहने वाले सुरेश के साथ हुई थी। सुरेश की मौत के बाद अक्सर कमलेश अपने भाइयों के पास रहने आ जाती थी।
भाईदूज के त्योहार के चलते कमलेश मायके आई थी महिला
भाईदूज के त्योहार के चलते कमलेश मायके आई हुई थीं। धूमधाम से सभी ने त्योहार मनाया था। बृहस्पतिवार रात अचानक टूंडा सिंह को दिल का दौर पड़ गया। स्वजन उन्हें चिकित्सक के पास ले गए। मगर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। टूंडा सिंह के शव जैसे ही घर पहुंचा तो स्वजन में कोहराम मच गया। कमलेश भाई के शव से लिपटकर विलाप करने लगी। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई और फिर होश में नहीं आ सकी। स्वजन कमलेश को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
भाई-बहन की मौत के बाद स्वजन को गम भी दो गुना हो गया। कमलेश के ससुराल पक्ष के लोग गंदू नंगला पहुंचे और उनके शव को लेकर अपने गांव लौट गए। दोनों स्थानों पर स्वजन और ग्रामीणों की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
चार नवंबर को होगी शादी
टूंडा सिंह के एक पुत्र अमित की कुछ वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। दो अन्य पुत्र दीपक और सनी है। पुत्री राजकुमारी, ललिता और आशु की शादी हो चुकी है। कुछ दिन पहले दीपक की शादी जिला बुलंदशहर के औरंगाबाद के रहने वाली एक युवती से तय हुई थी। चार नवंबर को शादी होनी तय हुई थी। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में जुटे थे। ऐसे में दो मौतों ने खुशियों को ग्रहण लगा दिया है।

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