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Hamirpur News: मोटा अनाज बोने के लिए शासन ने जारी किए निर्देश, कृषि विभाग को आवंटित किए गए अनाज की 530 किटें

हमीरपुर जिले में सरकार ने मोटा अनाज पैदा करने के लिये बुन्देलखंड में पहली बार मडुवा (रागी) अनाज बोने के लिये जिले को शासन ने 530 किटे कृषि विभाग को आवंटित कर दी है। इस बीज किट से जिले में दस सौ साठ हेक्टेयर जमीन बोयी जा सकेगी। कृषि विभाग के डीडी हरीशंकर भार्गव ने बताया कि शासन ने जिले में मोटा अनाज बोने के लिये निर्देश जारी किये हैं।

By Rajeev TrivediEdited By: riya.pandeyPublished: Sun, 25 Jun 2023 08:08 PM (IST)Updated: Sun, 25 Jun 2023 08:08 PM (IST)
Hamirpur News: मोटा अनाज बोने के लिए शासन ने जारी किए निर्देश, कृषि विभाग को आवंटित किए गए अनाज की 530 किटें
शासन ने हमीरपुर में मोटा अनाज बोने के लिए जारी किए निर्देश

जागरण संवाददाता, हमीरपुर: हमीरपुर जिले में सरकार ने मोटा अनाज पैदा करने के लिये बुन्देलखंड में पहली बार मडुवा (रागी) अनाज बोने के लिये जिले को शासन ने 530 किटे कृषि विभाग को आवंटित कर दी है। इस बीज किट से जिले में दस सौ साठ हेक्टेयर जमीन बोयी जा सकेगी।

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शासन ने मडुवा फसल बोने के निर्देश किए जारी

कृषि विभाग के उपकृषि निदेशक (डीडी) हरीशंकर भार्गव ने 24 जून को बताया कि शासन ने जिले में मोटा अनाज में ज्वार, सावा, कोदो व मडुवा (रागी) फसले बोने के लिये निर्देश जारी किये हैं। जिसमें रागी फसल बुंदेलखंड में पहली बार काफी मात्रा में बोयी जायेगी। सावा, कोदो फसले जिले में बीस साल पहले बोयी जाती थी। फिलहाल अन्य तीन फसलों का बीज अभी शासन ने आवंटित नहीं किए हैं।

आवंटित बीज जिले में सातों ब्लाकों में बराबर-बराबर आवंटित कर दिया जायेगा। पहली बार इस फसल की बुवाई होने के कारण किसानों को प्रेरित करना पड़ेगा।

कई बीमारियों को दूर भगाती है मडुवा

निदेशक ने बताया कि रागी फसल खरीफ की फसल है। इसे उगाहने में फर्टिलाइजर व सिंचाई की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस फसल में शरीर को जो तत्व ( मिनरल्स) चाहिये वे पूरी तरह पाये जाते हैं। यह फसल कई बीमारियों को दूर भगाती है। यही नहीं शासन के जो सरकारी कृषि प्रक्षेत्र हैं व कृषि विज्ञान केंद्रों के भूमि में भी मोटा अनाज की फसल बुवाई शुरू की जायेगी।

रागी फसल एक बीघा में दो क्विंटल पैदा होने का अनुमान बताया जाता है। एक किट में चार किलोग्राम बीज भरा गया है। इस फसल को सवा, कोदो फसल की तरह पछाड़कर दाना निकाला जाता है। इसको चावल की तरह पका कर खाया जाता है। अगर किसान चाहे तो इस फसल से रोटी भी बना सकता है।

शासन की मंशा है कि बुंदेलखंड में सिंचाई का अभाव व फर्टिलाइजर का अधिक प्रयोग करने से मोटा अनाज बोना अति आवश्यक है।

मोटा अनाज बुवाई के लिए अधिक किसानों को प्रेरित किए जाने के निर्देश

डीडी ने बताया कि शासन का सख्त निर्देश है कि मोटा अनाज बोने के लिये किसानों को ज्यादा से ज्यादा प्रेरित किया जाये ताकि मोटा अनाज बोने के बाद उससे पैदावर होने वाली फसल को देखते हुए अगले साल से शासन को बीज आवंटन न करना पड़े। इसके लिये कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।


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