World Children’s Day: बदले मौसम में बच्चों पर दें ध्यान, इंफेक्शन से हो सकती है गंभीर परेशानी; जानें- डॉक्टर की सलाह
World Childrens Day 2023 बदले मौसम में डॉक्टर बच्चों पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। ठंड से बचाने की सलाह देते हुए कहा है कि किसी तरह की दिक्कत होने पर बच्चों को अपने मन से दवाएं न खिलाएं। डॉक्टर के पास ले जाएं और उनकी सलाह पर ही उपचार कराएं। मौसम में बदलाव की वजह से बच्चे बीमार हो जाते हैं।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मौसम बदल चुका है। इंफेक्शन की वजह से बच्चों में सर्दी-जुकाम, निमोनिया, पेट दर्द व दस्त की दिक्कतें बढ़ रही हैं। अनेक बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे हैं। कुछ बच्चों की आंतें फंसने और अपेंडिक्स में इंफेक्शन की समस्या सामने आई है। विशेषज्ञों ने बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह देते हुए कहा है कि किसी तरह की दिक्कत होने पर बच्चों को अपने मन से दवाएं न खिलाएं। तत्काल बाल रोग विशेषज्ञों की सलाह लें। इससे बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 10 प्रतिशत बीमार बच्चों में दमा की शिकायत भी मिल रही है। इसका मुख्य कारण प्रदूषण, धूल, धुआं व घर में कुत्ते-बिल्ली पालना है। कुत्ते-बिल्ली पालने का शौक बच्चों को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है। मौसम में बदलाव की वजह से बच्चे जल्दी सर्दी-जुकाम, खांसी, निमोनिया व डायरिया के शिकार हो जाते हैं।
यह भी पढ़ें, योगी ने जलाया वनटांगियों का पहला दीप, बच्चों को दिया उपहार; लोगों ने कहा- बाबा ने हमारी चिंता की, हम सुखी हो गए
पेट में इंफेक्शन की वजह से आंतें फंस जाती हैं या अपेंडिक्स में इंफेक्शन हो जाता है। कभी-कभी अपेंडिक्स फट भी जाता है तो तत्काल आपरेशन करना जरूरी हो जाता है। इसलिए बच्चों को इंफेक्शन न होने पाए, इसका ख्याल रखें। उन्हें प्रदूषण से दूर रखें और कुछ भी खिलाने के पहले अपने हाथ पूरी तरह साफ कर लें। विशेषज्ञों ने कहा कि हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ भारत का निर्माण करेंगे। इसलिए उन्हें संभालें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
मौसम बदलने के साथ सर्दी-जुकाम, खांसी, निमोनिया, डायरिया आदि सामान्य तरह की दिक्कतें होती हैं। लेकिन इनकी वजह से गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। इस समय आंत फंसने व अपेंडिक्स में इंफेक्शन के मामले भी सामने आ रहे हैं।
-डा. वसु सिंह, पीडियाट्रिक सर्जन
इस समय बच्चों को ठंड से बचाएं। गरम कपड़े पहनाएं। कुत्ते-बिल्ली, धूल, धुआं व प्रदूषण से दूर रखें। मौसम बदलने के समय बच्चे सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। थोड़ी भी दिक्कत होने पर उन्हें तत्काल डाक्टर को दिखाएं, उनकी सलाह पर ही दवाएं दें।
-डा. अश्विनी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।