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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिंदुत्व पर टिप्पणी करने वाले RMO संजीव कुमार को हटाया, स्वतंत्रता दिवस पर काले रंग का कपड़ा पहनकर किया था ध्वजारोहण

By Durgesh Tripathi Edited By: Aysha Sheikh
Published: Sun, 07 Jan 2024 12:00 PM (IST)

हिंदू धर्म पर टिप्पणी करने वाले आरएमओ संजीव कुमार हटा दिया गया है। उनके खिलाफ शासन को लगातार शिकायतें मिल ...और पढ़ें

हिंदुत्व पर टिप्पणी करने वाले RMO संजीव कुमार हटाए गए
हिंदुत्व पर टिप्पणी करने वाले RMO संजीव कुमार हटाए गए

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। हिंदुत्व पर विवादित टिप्पणी करने वाले और स्वतंत्रता दिवस पर काले रंग का कपड़ा पहन ध्वजारोहण करने वाले गोरखपुर संभाग के संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी (आरएमओ) संजीव कुमार को हटा दिया गया है।

उनके खिलाफ शासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्हें आयुक्त खाद्य एवं रसद कार्यालय, मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध किया गया है। लखनऊ के आरएमओ केसरीकांत सिंह को गोरखपुर संभाग का नया आरएमओ बनाया गया है।

काले रंग का कपड़ा पहनकर किया ध्वजारोहण

पिपराइच थाना क्षेत्र के सिरसिया निवासी जय नारायण राय ने शासन से शिकायत की थी कि गोरखपुर संभाग के आरएमओ संजीव कुमार ने 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को सभी विपणन निरीक्षकों को अपने कार्यालय में बुला लिया। यहां उन्होंने काले रंग का कपड़ा पहनकर ध्वजारोहण किया।

इतना ही नहीं, सभी विपणन निरीक्षकों को संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) के कार्यालय में बैठाए रखा। इस कारण केंद्रों पर ध्वजारोहण नहीं हो सका। चौरी चौरा मंडी में निरीक्षण के लिए पहुंचे आरएमओ ने वहां चल रहे सुंदरकांड के पाठ को बंद कराकर पुरोहितों को फटकार लगाई थी।

साथ ही हिंदुत्व के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। रामायण के दो पात्रों को प्रेमिका शब्द से संबोधित कर हिंदुत्व का अपमान किया। यह भी आरोप लगाया था कि वे अपने कार्यालय के क्लर्क रामेश्वर पाल व मंसूर की सहायता से राइस मिलर्स व ठीकेदारों से वसूली कराते हैं।

अफसरों ने बचाने की खूब कोशिश की

आरएमओ के खिलाफ हुई शिकायत की जांच में देर करने और मामला खत्म कराने की अफसरों ने खूब कोशिश की। जय नारायण राय का आरोप है कि आरएमओ की जांच उनके मातहत डिप्टी आरएमओ को सौंप दी गई थी। वह अपने उच्चाधिकारी के खिलाफ क्या जांच करते? और तो और पहली बार शिकायत का निस्तारण सही न होने पर दोबारा शिकायत करने पर नोटरी बयानहल्फी न देने पर प्रार्थनापत्र को फर्जी बता निरस्त कर दिया गया था। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद कार्रवाई हुई है।

10 अक्टूबर को जागरण ने प्रकाशित की थी खबर

दैनिक जागरण ने 10 अक्टूबर, 2023 के अंक में जय नारायण राय की शिकायतों के आधार पर खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के बाद जांच में तेजी आई।

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