By Satish pandey Edited By: Aysha Sheikh Published: Sun, 07 Jan 2024 11:30 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 07 Jan 2024 11:41 AM (GMT+05:30)
एक समय पहले तक माफिया विनोद उपाध्याय के घर गिरोह के सदस्य व समर्थकों का हुजूम उमड़ता था लेकिन अब ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिस माफिया के घर गिरोह के सदस्य व समर्थकों का हुजूम उमड़ता था। शनिवार को राजघाट में हुए उसके दाह संस्कार में महज 24 लोग ही पहुंचे। चार वर्षीय बेटे अक्षय ने मुखाग्नि दी। शुक्रवार की देर रात पुलिस की सुरक्षा में माफिया विनोद उपाध्याय का शव सुल्तानपुर से धर्मशाला बाजार स्थित घर लाया गया।
दाह संस्कार होने तक जिले की पुलिस घर से लेकर घाट तक मुस्तैद रही। शुक्रवार की भोर में एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में विनोद की मृत्यु होने की सूचना पर उसकी पत्नी व भाई देर शाम सुल्तानपुर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव सौंपा गया तो उन्होंने गोरखपुर में दाह संस्कार करने की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस की सुरक्षा में देर रात शव गोरखपुर लाया गया।
दाह संस्कार के दौरान तीन सिपाही घाट पर रहे तैनात
दाह संस्कार के दौरान तीन सिपाही घाट पर तैनात रहे। घाट पर भाई ओमप्रकाश, जयप्रकाश के अलावा करीबी रिश्तेदार और समर्थक मौजूद थे लेकिन पुलिस की माने तो केवल 24 लोग ही दाह संस्कार में पहुंचे थे जिसमें अधिकांश लोग परिवार के ही थे। चर्चा थी कि विनोद के कई पुराने साथी और राजनीतिक दल के नेता भी दाह संस्कार में पहुचेंगे लेकिन कोई नजर नहीं आया।
प्रदेश की सूची में अब सिर्फ तीन नाम
प्रदेश के 61 माफिया की सूची में गोरखपुर जिले के चार बदमाशों का नाम था। जिसमें विनोद उपाध्याय के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब सिर्फ सुधीर सिंह, राकेश यादव और राजन तिवारी का नाम बचा है। सुधीर और राकेश इस समय जेल में हैं। बिहार में अपना ठिकाना बनाने वाला राजन तिवारी इस समय जमानत पर है।