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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gorakhpur News: जमीन दिलाने के नाम पर हड़पे 62 लाख रुपये, SP सिटी के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज किया केस

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Published: Thu, 21 Sep 2023 08:00 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 21 Sep 2023 08:05 AM (GMT+05:30)

गोरखपुर के शख्स को बाराबंकी में जमीन दिलाने के नाम पर ठगी हुई। मामले में एसपी सिटी के निर्देश के ...और पढ़ें

जमीन दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में एफआईआर। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जमीन दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में एफआईआर। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बाराबंकी में जमीन दिलाने के नाम जालसाज ने खोराबार रानीडीहा के खुर्शीद आलम से 62.02 लाख रुपये हड़प लिए। अब रुपये वापस मांगने पर पीड़ित को गाली देकर धमका रहा है। एसपी सिटी के निर्देश पर रामगढ़ताल पुलिस ने खुर्शीद की तहरीर पर बाराबंकी, केडी रोड के मोहम्मद आमिर व दो अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह है मामला

खुर्शीद ने तहरीर में लिखा है कि बाराबंकी में व्यावसायिक उपयोग के लिए जमीन की आवश्यकता थी। इसी बीच उनकी मुलाकात जमीन कारोबारी मोहम्मद आमिर से हुई। आमिर ने बताया था कि बाराबंकी के दादरा में उसने जमीन का एग्रीमेंट कराया है। जमीन देखने के बाद पसंद आने पर तीन एकड़ जमीन का सौदा दो करोड़ रुपये में तय हुआ।

वसूले थे 78 लाख 75 हजार, वापस किए 16 लाख

आमिर ने जमीन मालिकों द्वारा किए गए एग्रीमेंट के कागजात भी दिखाया। 10 मार्च, 2021 को आमिर दो अन्य साथियों के साथ जीडीए कार्यालय के पीछे एनेक्सी भवन पर आया और खुद के साथ पिता व चाचा के खाते में 78.75 लाख रुपये मांगे। बाद में जमीन नहीं देने पर उसने 16.55 लाख रुपये वापस कर दिए। शेष रकम मांगने पर वह धमकी दे रहा है।

शारदा सिटी मामले में पुलिस ने एक को हिरासत में लिया

शारदा सिटी नाम से फर्म खोलकर लोगों का करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में कैंट थाना पुलिस ने एक को हिरासत में लिया है। पुलिस की पूछताछ में उसने खुद को ही ठगी का शिकार बताया है। 17 अगस्त को पीड़ितों की तहरीर पर कैंट पुलिस ने सहजनवां के अक्षय कुमार मिश्रा व देवरिया रुद्रपुर के अजय श्रीवास्तव के विरुद्ध केस दर्ज किया था। इन दोनों ने रूस्तमपुर ढाला के नीचे कार्यालय खोलकर 50 से अधिक लोगों से आठ से 10 लाख रुपये लेकर फर्जी रजिस्ट्री करा दी थी। कब्जा दिलाने के पहले ये दोनों फरार हो गए। इन दोनों में पुलिस ने को हिरासत में लिया है।

इन लोगों ने की थी शिकायत

शहर की रहने वाली दमयंती देवी अर्चना, रामाश्रय, विमला, विजय लक्ष्मी, ऊषा श्रीवास्तव, मदन मोहन प्रसाद समेत अन्य लोगों ने 17 अगस्त को पुलिस से शिकायत की थी। बताया था कि ढाले के नीचे खुले कार्यालय में जब वह लोग पहुंचे तो वहां के मैनेजर ने बताया कि शहर से सात किमी दूर वाराणसी मार्ग पर ताल नदौर में शारदा सिटी नाम से कालोनी बन रही है। वहां पर बहुत ही सस्ता प्लाट मिलेगा। मैनेजर ने एक कैटलाग दिखाते हुए मौके पर ले गया और खाली जमीन दिखाई। झांसे में आकर सभी ने रुपये जमा कर दिया। इसके बाद बिल्डर ने रजिस्ट्री भी करा दी। पीड़ितों ने बताया कि कब्जा दिलाने के लिए गए तो मैनेजर टाल मटोल करने लगा। अचानक भीड़ बढ़ने पर मैनेजर और बिल्डर दोनों फरार हो गए। अर्चना ने वर्ष 2019 में रजिस्ट्री कराई थी। कैंट पुलिस के अनुसार पूछताछ के लिए एक को हिरासत में लिया गया है।

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मंडलायुक्त ने कराई थी जांच

फर्जीवाड़े के शिकार पीड़ितों ने तत्कालीन मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी से मिलकर बिल्डर की शिकायत की थी। मंडलायुक्त ने एडीएम प्रशासन से जांच कराई थी, जिसमें फर्म और बिल्डर द्वारा प्रस्तावित जमीन फर्जी मिली थी। इसके बाद एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा गया था। तीन माह से पुलिस जालसाजों को अपना पक्ष रखने के लिए बुला रही थी। बावजूद वह नहीं पहुंचे थे।

धोखाधड़ी से दो पासपोर्ट बनवाने का आरोपित धराया

बड़हलगंज कोतवाली पुलिस ने देदापार के अनिल कुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। इसने पहले अपने नाम से पासपोर्ट बनवाया है, लेकिन नाम और पता बदलकर खलीलाबाद के चंद्रशेखर के नाम से भी पासपोर्ट बनवा लिया है। पासपोर्ट कार्यालय से सूचना मिलने के बाद थाने के एसआइ ज्ञानप्रकाश शुक्ल की तहरीर पर सात जुलाई को उसके विरुद्ध धोखाधड़ी और 12 पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।