UP में निषाद पार्टी की फंड में सेंधमारी, जालसाजों के खाते में पहुंची रकम
उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी के फंड में सेंधमारी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पार्टी के खाते से अवैध रूप से रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। पार्टी नेतृत्व ने पुलिस को सूचना दे दी है और मामले की जांच जारी है। इस घटना से पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।

कैंबिनेट मंत्री संजय निषाद। जागरण
जागरण संवाददाता, गाेरखपुर। निषाद पार्टी के फंड से जुड़े साइबर फ्राड का मामला सामने आया है।कैबिनेट मंत्री डा. संजय निषाद के पुत्र डा. अमित कुमार निषाद ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि जालसाज ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर गूगल पे पर फर्जी खाता बना लिया और उसमें अपना बैंक खाता जोड़ लिया। इस कारण पार्टी समर्थकों द्वारा भेजी गई आर्थिक सहायता गलत खाते में जा रही थी।शाहपुर पुलिस जालसाजी व आइटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
जंगल सालिकराम (पादरी बाजार) में रहने वाले डा. अमित ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि वे लंबे समय से एयरटेल का मोबाइल नंबर उपयोग कर रहे हैं, जिसका प्रयोग पार्टी संगठन व समर्थक फंड भेजने के लिए करते हैं। लेकिन एक धोखेबाज ने इसी नंबर से गूगल पे खाता बनाकर ‘समरीन पुत्र मोहराम अली’ नाम से बैंक खाता लिंक कर लिया।
मामले की जानकारी तब हुई जब 31 मार्च 2025 को सुबह 8:55 बजे एक समर्थक ने 20 हजार रुपये पार्टी फंड में भेजे, लेकिन रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर हो गए।लेनदेन की आइडी सहित सभी विवरण डाॅ. अमित ने पुलिस को सौंप दिए।जांच में आरोप की पुष्टि होने पर एसपी क्राइम ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
शाहपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी, जालसाजी और आइटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मोबाइल नंबर को क्लोन बना या दुरुपयोग किया गया इसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। संबंधित डिजिटल ट्रांजैक्शन व खाते की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है।फर्जी यूपीआइ आइडी बनाने वाले की लोकेशन, केवाइसी दस्तावेजों और लिंक किए गए बैंक विवरण की जांच कर रही है।जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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