Maha Kumbh 2025: श्रद्धालुओं की वापसी के लिए रेलवे ने 64 घंटे में चला दीं रिकॉर्ड 139 ट्रेनें, हर 25 मिनट में रवाना हो रही एक स्पेशल
Maha Kumbh Mela 2025 से श्रद्धालुओं की वापसी के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने कमाल कर दिया है। 64 घंटे में प्रयागराज रामबाग और झूसी से रिकॉर्ड 139 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं। हर 25 मिनट पर एक स्पेशल ट्रेन चल रही है। गोरखपुर समेत विभिन्न स्टेशनों के लिए श्रद्धालुओं को उतारकर ये ट्रेनें खाली ही रामबाग और झूसी के लिए रवाना हो रही हैं।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। Maha Kumbh Mela 2025: महाकुंभ से श्रद्धालुओं को वापस बुलाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने दिन-रात एक कर दिया है। श्रद्धालुओं की वापसी के लिए 64 घंटे में प्रयागराज रामबाग और झूसी से रिकॉर्ड अघोषित 139 स्पेशल ट्रेनें चला दी हैं। जो भारतीय रेलवे में बिना शेड्यूल के चलने वाली ट्रेनों का एक इतिहास ही बन गया है।
रामबाग और झूसी से गोरखपुर समेत विभिन्न स्टेशनों के लिए प्रत्येक 25 मिनट पर एक स्पेशल ट्रेन चल रही है। गोरखपुर व अन्य स्टेशनों पर श्रद्धालुओं को उतारकर यह ट्रेनें खाली ही रामबाग और झूसी के लिए रवाना हो जा रही हैं। इन खाली ट्रेनों के गेट भी बंद कर दिए जा रहे, ताकि कोई श्रद्धालु न बैठे।
56 खाली रेक तो पहले से ही स्टेशनों पर खड़े कर दिए गए थे। उत्तर और उत्तर मध्य रेलवे से भी 24 खाली रेक मांगे गए थे। वसंत पंचमी स्नान के लिए शनिवार से कुछ स्पेशल ट्रेनें गोरखपुर से रामबाग व झूसी के लिए भेजी जाएगी। इसके बाद गोरखपुर से भी धीरे-धीरे स्पेशल ट्रेनों का संचालन आरंभ हो जाएगा।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज पहुंचे श्रद्धालु यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 31 जनवरी को शाम 04 बजे तक को रामबाग व झूसी से कुल 26 ट्रेनें चलाई गई थीं।
30 जनवरी को गोरखपुर के लिए 17, भटनी के लिए सात सहित 48 ट्रेनें चलाई गईं। स्पेशल ट्रेनों के लिए पर्याप्त संख्या में रेक व कोचों की व्यवस्था की गई है, जिससे नियमित अंतराल पर ट्रेनें चलाई जा सकें। आगे और पीछ दो इंजन लगाकर ट्रेनों को चलाया जा रहा है। ताकि स्टेशनों पर इंजन की दिशा बदलने में अतिरिक्त समय न लगे। मुख्यालय गोरखपुर स्थित वार रूम से ट्रेनों की मानीटरिंग की जा रही है।
रेलवे चला रहा ट्रेन। जागरण
350 किमी रेलमार्ग पर सिर्फ स्पेशल ट्रेन और श्रद्धालु
गोरखपुर से वाराणसी होते हुए प्रयागराज तक 350 किमी रेलमार्ग पर 29 जनवरी से सिर्फ स्पेशल ट्रेनें और श्रद्धालु ही दिख रहे हैं। पिछले तीन दिन से इस रेलमार्ग पर ट्रेनें सरक रही हैं और धीरे-धीरे महाकुंभ श्रद्धालुओं से खाली हो रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के अलावा अन्य जोन की ट्रेनें इस रेलमार्ग पर नहीं चल पा रही।
पूर्वोत्तर रेलवे की स्पेशल ट्रेनों से ही यह रेलमार्ग जाम है। यह तब है जब कुछ नियमित ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन और निरस्तीकरण हो गया है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में नियमित ट्रेनों को रोककर ही वसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा के लिए महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
24 घंटे लगातार ट्रेन चला रहे लोको पायलट और गार्ड
महाकुंभ में फंसे श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए रेलकर्मियों ने दिन-रात एक कर दिया है। गोरखपुर स्थित वार रूम में परिचालन विभाग से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। लोको पायलट और गार्ड ही नहीं ट्रेन स्टाफ और संबंधित विभागों के कर्मचारी प्रयागराज रामबाग और झूसी से प्रत्येक 25 मिनट पर ट्रेन चला रहे हैं।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंची श्रद्वालुओं की भीड़ ट्रेन से उतर कर घर की तरफ जाती हुई। जागरण
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जानकारों का कहना है कि कई अफसर लगातार तीन दिन से जगह रहे हैं। गोरखपुर और वाराणसी स्थित कंट्रोल रूम में तैनात कई रेलकर्मी घर ही नहीं जा पाए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के साथ उनकी चुनौती भी बढ़ती ही जा रही हैं।
महाप्रबंधक सौम्या माथुर गोरखपुर वार रूम से स्वयं पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनूप सतपथी, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक प्रकाश चंद्र जायसवाल और मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक आलोक कुमार सिंह के साथ मानीटरिंग कर रही हैं।
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