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    Kripa Shankar Kanaujiya: जी तोड़ मेहनत करके सिपाही से बने थे DSP, इश्क की खुमारी ने करवा दिया डिमोशन

    Kripa Shankar Kanaujiya महिला सिपाही के साथ जुलाई 2021 में कानपुर के होटल में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए उन्नाव के सीओ (क्षेत्राधिकारी) रहे कृपा शंकर कनौजिया को शासन ने सिपाही बना दिया है। पुलिस आचरण नियमावली का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने पर यह कार्रवाई हुई है। शासन ने उनको निलंबित करने के बाद विभागीय जांच का आदेश दिया...

    By Jagran News Edited By: Riya Pandey Updated: Mon, 24 Jun 2024 04:58 PM (IST)
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    मेहनत के दम पर सिपाही से सीओ बने थे कृपाशंकर

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। Kripa Shankar Kanaujiya: महिला सिपाही के साथ जुलाई 2021 में कानपुर के होटल में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए उन्नाव के सीओ (क्षेत्राधिकारी) रहे कृपाशंकर कनौजिया अपनी मेधा और लगन के चलते सिपाही पद पर भर्ती होने के बाद सीओ पद तक पहुंचे लेकिन चरित्र की कमजोरी ने उन्हें वापस सिपाही पद पर वापस पहुंचा दिया।

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    पुलिस आचरण नियमावली का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने पर उन पर यह कार्रवाई हुई है। शासन ने उनको निलंबित करने के बाद विभागीय जांच का आदेश दिया था।

    वर्तमान में गोरखपुर की 26वीं वाहिनी पीएसी में तैनात कृपाशंकर को सिपाही बनाए जाने की पुष्टि कमांडेंट ने की है, लेकिन इसके बाद से ही वह फरार हो गया है। विभाग की ओर से उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है। देवरिया में भटनी के सकरापार निवासी कृपाशंकर की भर्ती वर्ष 1986 में सिपाही पद पर हुई थी। विभागीय परीक्षा देकर पहले वह मुख्य आरक्षी व उसके बाद दारोगा बना।

    गोरखपुर भेजने के बाद नहीं सौंपी गई सेनानायक की जिम्मेदारी

    विभागीय अर्हता पूरी होने पर कृपाशंकर को निरीक्षक बनाया गया। इस दौरान वह 26वीं वाहिनी पीएसी में तैनात रहा। सीओ (क्षेत्राधिकारी) के पद पर पदोन्नति मिलने के बाद उन्नाव जिले में उसकी तैनाती हुई। जुलाई, 2021 में कानपुर के होटल में महिला सिपाही के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद उन्नाव से हटाकर शासन ने 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर भेज दिया। तब से कृपाशंकर की तैनाती गोरखपुर में ही थी, लेकिन सेनानायक ने कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी।

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    आचरण नियमावली का उल्लंघन करने की जांच चल रही थी। 21 जून, 2024 को सीओ से सिपाही बनाए जाने का आदेश शासन से मिलने के बाद पीएसी सेनानायक आनंद कुमार ने रात में कृपाशंकर को जानकारी देने के साथ ही पद प्रत्यावर्तित होने के आदेश की प्रति रिसीव करा दी।

    उन्नाव के बीघापुर में थी तैनाती

    उन्नाव में सीओ बीघापुर के पद पर तैनात रहा कृपाशंकर जुलाई, 2021 में एक दिन का अवकाश लेकर निकला और महिला सिपाही को लेकर कानपुर के होटल पहुंचा। सीओ के घर न पहुंचने पर स्वजन ने शिकायत की। तलाश शुरू हुई तो सीओ होटल के कमरे में सिपाही के साथ मिला। शासन ने उसे निलंबित करते हुए विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए। डीजीपी मुख्यालय ने सीओ के विरुद्ध रिपोर्ट शासन को भेज दी।

    आदेश मिलते ही हुआ गैरहाजिर

    कृपाशंकर कनौजिया सिपाही बनाए जाने का आदेश मिलते ही 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर से गैरहाजिर हो गया। पीएसी सेनानायक आनंद कुमार ने बताया कि शनिवार को गणना में न आने पर मुंशी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। चर्चा है कि सीओ से सिपाही पद पर वापस भेजे जाने के बाद उसने मेडिकल अवकाश मांगा था, लेकिन नहीं मिला। एक परिचित के जरिये उसने 28 दिन का मेडिकल बनवाया है।

    एक साल पहले आया था गांव

    सकरापार गांव वालों ने कहा कि उसकी करतूत ने शर्मशार कर दिया। कृपाशंकर परिवार संग एक वर्ष पहले पिता के निधन पर गांव आया था। गोरखपुर के पादरी बाजार में भी उसका मकान है। पत्नी, बच्चे वहीं रहते हैं। तीन बेटियों में एक की शादी हो चुकी है। एक बेटी प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रही है जबकि दूसरी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। बेटा प्रयागराज में रहता है। छोटे भाई का परिवार गांव में रहता है।

    बारासगवर में तैनात थी महिला सिपाही

    कृपा शंकर कनौजिया को वर्ष 2020 में उन्नाव में तैनाती मिली थी। 22 सितंबर 2020 को उन्हें सीओ बीघापुर का चार्ज दे दिया गया। बीघापुर सर्किल में वह करीब आठ माह रहे। इस दौरान बरासगवर थाने की एक महिला सिपाही उनके संपर्क में आ गई। उसके चक्कर में वह अक्सर बारासवगर पहुंच जाते थे।

    कानपुर के होटल में पकड़े जाने के बाद उस वक्त एसपी रहे आनंद कुलकर्णी ने आठ जुलाई 2021 को कृपाशंकर को बीघापुर से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया था। जांच एएसपी शशिशेखर सिंह को सौंपी गई थी। वहीं शासन ने मामला संज्ञान में लेकर नौ जुलाई 2021 निलंबित कर दिया था। महिला सिपाही को भी एसपी ने निलंबित कर दिया था।

    गोरखपुर 26वीं वाहिनी पीएसी सेनानायक आनंद कुमार के अनुसार, कृपा शंकर कनौजया को 26वीं वाहिनी पीएसी के एफ-दल में सिपाही के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। सिपाही के मेडिकल अवकाश पर जाने की कोई जानकारी नहीं है। 

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