गोरखपुर, जागरण टीम। कुत्ता पालने का शौक आजकल काफी लोगों में दिखाई दे रहा है। शहर से लेकर गांव तक के लोग कुत्ते पाल रहे हैं। लाखों रुपये के कुत्ते खरीद कर लोग घरों में पाल रहे हैं। इतना ही नहीं हर महीने हजारों रुपये इनके नाज-नखरों पर खर्च कर रहे हैं। वहीं बता दें कि कुत्ते को रखने का लाइसेंस बनवाना भी जरूरी है, ये बहुत कम लोग ही जरूरी समझते हैं। ऐसे लोगों के लिए कुत्ते का लाइसेंस बनवाना महत्वपूर्ण कर दिया गया है। यदि कुत्ते का लाइसेंस नहीं लेते हैं तो जुर्माना भरना पड़ेगा। हाल ही में गाजियाबाद नगर निगम ने लाइसेंस बनवाना अनिवार्य कर दिया है।

जानिए कितना है लाइसेंस शुल्क: पालतू कुत्ते के मालिक को हर साल एक हजार रुपये लाइसेंस बनवाने पर खर्च करना होता है। यह शुल्क अप्रैल के महीने में ही भुगतान किया जाता है।

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ये हैं लाइसेंस के नवीनीकरण के नियम

  • कुत्ते के लाइसेंस की अवधि एक वर्ष के लिए वैध होता है और हर साल 31 मार्च को ही समाप्त हो जाता है।
  • लाइसेंस का नवीनीकरण नगर आयुक्त या लाइसेंस प्राधिकारी की संतोषजनक रिपोर्ट और पंजीकृत पशु चिकित्सक द्वारा जारी टीकाकरण रिकार्ड के प्रमाण के बाद किया जाता है।
  • लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए हर साल 1 से 30 अप्रैल के बीच में आवेदन करना होता है।

अप्रैल के बाद देना होगा जुर्माना

  • यदि लाइसेंस के लिए कोई आवेदन 30 अप्रैल के बाद और 31 मई से पहले होता है तो उस आवेदक को एक हजार प्रारंभिक लाइसेंस शुल्क के साथ 500 रुपये जुर्माना देना होगा।
  • यदि लाइसेंस का आवेदन 1 जून को या उसके बाद जमा किया जाता है तो आवेदक को 50 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना देना होगा।

ये हैं लाइसेंस प्राप्त करने की शर्तें

  • पालतू कुत्ता रखने वाले व्यक्तियों को उसके स्वामित्व के बारे में नगरपालिका आयुक्त या नगर निगम को उसके स्वामित्व के 15 दिनों के भीतर सूचित करना होगा।
  • मालिकों को किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र जैसे पार्क, गली, सड़कों आदि में कुत्ते को लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही, वे पालतू जानवरों को सड़कों, गलियों, पार्कों आदि में खुले में शौच करने की अनुमति नहीं देंगे।
  • यह मालिक की जिम्मेदारी है कि पड़ोसी और किसी अन्य व्यक्ति को परेशान न किया जाए या कुत्ते के रख-रखाव और आराम के संबंध में समस्याएं हों।
  • पड़ोसियों या किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए व्यावसायिक, बिक्री, खरीद के उद्देश्य से आवासीय क्षेत्र के किसी भी फ्लैट या घर में कुत्ता प्रजनन केंद्र चलाना प्रतिबंधित है।
  • यदि पालतू जानवर का मालिक, जो नगर निगम को लाइसेंस शुल्क का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है, मर जाता है या पालतू जानवर को बेच देता है या पालतू जानवर को किसी अन्य स्थान या व्यक्ति को स्थानांतरित कर देता है, तो यह जानकारी प्राधिकरण यानी गाजियाबाद नगर निगम को 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जानी चाहिए।

Edited By: Pragati Chand