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    गोरखपुर सबरंग: शादियों में खिल रहे परंपरा संग रचनात्मकता के रंग, दिख रहा आधुनिकता का अनूठा संगम

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 12:25 PM (IST)

    गोरखपुर में शादियों का माहौल सबरंग से सराबोर है, जहाँ परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शादियों में रचनात्मकता के रंग खिल रहे हैं, जिससे उत्सव और भी यादगार बन रहे हैं। मंडप की सजावट से लेकर मेहमानों के स्वागत तक, हर चीज में नवीनता और कलात्मकता का स्पर्श है।

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    शादी समारोहों को भव्यता देते हैं नियोजन। सौ. इवेंट प्लानर 

    लग्न का यह मौसम न केवल खुशियों का पर्व है, बल्कि शहर के बदलते, उन्नत होते और समृद्ध सांस्कृतिक परिवेश का उत्सव भी है। शहर में विवाह आयोजन अब आधुनिकता, रचनात्मकता और परंपरा के संगम का शानदार उदाहरण बन चुके हैं। पूल साइड संगीत से लेकर लाइव काउंटर, डेस्टिनेशन वेडिंग से लेकर ताजे फूलों की भव्य सजावट तक, हर कदम पर उत्सव की मौलिकता और नवीनता झलक रही है। अब परिवारों की जगह पूरी जिम्मेदारी इवेंट प्लानर उठा रहे हैं। प्रस्तुत है शादी समारोहों के बदलते परिदृश्य पर अरुण मुन्ना की एक रिपोर्ट :

    शादियों की शुरूआत हो चुकी है। आयोजनों की हलचल तेज हो गई है। पहले जहां विवाह केवल पारंपरिक रस्मों तक सीमित रहते थे, वहीं अब यह रचनात्मकता, तकनीक, सौंदर्य और संस्कृति का समन्वित उत्सव बन चुका है। सजावट से लेकर भोजन, संगीत, स्थान चयन और अतिथि का सत्कार तक, हर पहलू में नया प्रयोग और भव्यता देखने को मिल रही है।
    इसलिए न केवल स्थानीय, बल्कि बिहार, महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया में रहने वाले लोग जहां होटल, बैंक्वेट हाल, क्लब को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। वहीं इवेंट प्लानर की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनमे माध्यम से शादी समारोहों की भव्यता निखर रही है। वर्तमान में 50 से अधिक इवेंट प्लानर शहर में सक्रिय है।

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    होटल और इवेंट प्लान से जुड़े एडवोकेट गुणाकेश तिवारी बताते हैं कि विवाह अब केवल एक रस्म नहीं, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बन गया है। सगाई, हल्दी, संगीत, विवाह और रिसेप्शन, हर कार्यक्रम को विशेष थीम के साथ सजाया जाता है। पारंपरिक लाल-सुनहरे रंग अब फीके पड़ रहे हैं और उनकी जगह पेस्टल टोन हल्के और नरम रंग , मोरक्कन पैटर्न, राजस्थानी राजमहल थीम, बीच स्टाइल, विंटेज डेकोर और फ्लोरल गोल्डन ह्यू फूलों का सुनहरा रंग, जो कई प्रकार के फूलों में पाया जाता है का चलन बढ़ रहा है।
    होटल अरुशन ग्रैंड के आनर शुभम बथवाल बताते हैं कि सगाई से लेकर विवाह तक की हर रस्म को नए कलात्मक रूप में सजाया जा रहा है। रंगों की थीम, डिजिटल निमंत्रण, ओपन एयर रिसेप्शन और विशेष प्रवेशद्वार आयोजनों को अलग पहचान दे रहे हैं।

    उनका कहना है कि भोजन किसी भी शादी की प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। पहले जहां खाने की टेबल पर थालियां परोसी जाती थीं, वहीं अब भोजन को ‘अनुभव’ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी भी इवेंट कंपनियां उठा रही हैं।

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    इंवेट कंपनियां इस तरह से कर रही सजावट। सौ. इंवेट प्लानर। 


    कोर्टयार्ड बाय मैरिएट के संचालन प्रमुख एवं विपणन अधिकारी रितेश कुमार बताते हैं कि इवेंट प्लानर की ओर से 15 लाख से शुरू पैकेज शुरू होकर सुविधाओं के अनुसार कीमत बढ़ती जाती है। वर्तमान में पैकेज बाय आउट का सबसे अधिक चलन है।

    इसमें पूलसाइड हल्दी, लेकसाइड, एलिट लान विवाह और बरात की सजावट होती है। इसमें मंच सज्जा,भोजन, मेहमान व्यवस्था, संगीत, कलाकार, डीजे, बैंड, आतिशबाजी और फोटोग्राफी के लिए बड़े आयोजनों का खर्च 50 लाख से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है। इवेंट प्लानर मेहमानों के आगमन से विदाई तक सभी कार्य संभाल रहे हैं।

    उनका कहना है कि गायक, वादक, लोक कलाकार, सूफी गायन समूह, डांस मंडली और फोक ऑर्केस्ट्रा शादी के आयोजनों में नई जान डाल रहे हैं। फेरों के दौरान बजने वाली विशेष धुनों से लेकर बरात मनोरंजन, आतिशबाजी और दूल्हा-दुल्हन की एंट्री तक की योजना तैयार करते हैं।

    पारंपरिक बंद हाल के बजाय अब खुले आसमान, रोशनी और संगीत के बीच होने वाले विवाह कार्यक्रम लोकप्रिय हो रहे हैं। पूलसाइड संगीत, ओपन डिनर और फैमिली मिलन का आयोजन लोगों को नए अनुभव दे रहा है। रोशनी, फूलों और जलधाराओं का मेल इसे और भी मनमोहक बना रहा है।

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    शादी के लिए सजा भव्य प्रवेशद्वार। सौ. इवेंट प्लानर। 


    फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी हो रही विशिष्ट
    वे बताते हैं कि हर होटल से इवेंट प्लानर जुड़े हुए हैं, जो हर मौके को खास बनाने में जुटे हैं। डाक्यूमेंट्री स्टाइल वीडियोग्राफी, डार्क-थीम शूट, कैंडिड पोज, ड्रोन कवरेज, 360 कैमरा और सिनेमैटिक वीडियो शादियों का नया रूप हैं। परिवार अब चाहते हैं कि शादी की तस्वीरें केवल एलबम न बनें, बल्कि एक कहानी की तरह संजोई जाएं। उनका कहना है कि लाइव काउंटर अब शादी का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुका है।

    मेहमानों के सामने व्यंजन बनते हैं, उनकी खुशबू और ताजगी सीधे अनुभव में शामिल होती है। लोग प्रस्तुति पर उतना ही ध्यान दे रहे हैं जितना स्वाद पर। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के कारण आर्गेनिक व्यंजन, मिट्टी के बर्तनों का उपयोग और पत्तों की थालियां भी लोकप्रिय हो रही हैं, जिनकी जिम्मेदारी इवेंट प्लानर ही उठा रहे हैं। शहर के कई प्रमुख होटल अब पूलसाइड सेटअप को विवाह आयोजन का नया चेहरा बना चुके हैं।

    परिवार लेते आनंद, शादी आयोजन वन स्टाप सर्विस की तरह
    होटल रेडिसन ब्लू के बताते हैं कि अब शादी आयोजन वन-स्टाप सर्विस की तरह हो रहे हैं। इसमें स्थान, भोजन, सजावट, फोटोग्राफी, संगीत और मेहमानों के स्वागत तक की पूरी जिम्मेदारी एक ही संस्था संभालती है। परिवार केवल आनंद लेते हैं। इवेंट प्लानर ही सेल्फी प्वाइंट में रोशनी से सजे फ्रेम, थीम आधारित बैकड्राप और प्राकृतिक फूलों के झूलों का खास आकर्षण बनाते हैं। डीजे की जगह अब लाइव बैंड, सूफी संगीत, और इंडियन फ्यूजन परफार्मेंस का चलन तेजी बढ़ा है।

    ताजे फूलों की मांग, कोलकाता से आते डेकोरेटर
    गोरखनाथ हैपनिंग इवेंट की आंचल अग्रवाल बताती हैं अब परिवार सहूलियत चाहता है। इसलिए लोग पहले से इवेंट प्लानर की तलाश कर रहे हैं। ग्राहकों की मांग के अनुरूप साइट विजिट करके प्लान तैयार किया जाता है। उनको कई तरह के थीम लैपटाप पर दिखाए जाते हैं। ताकि मांग के अनुरूप सेट तैयार हो सके। आतिशबाजी से लेकर फूलों की खास सजावट पर जोर दिया जाता है।

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    ताजे फूलों से हो रही पूरे पंडाल की सजावट। जागरण 


     

    वे बताती हैं कि फूलों की सजावट विवाह की शान होती है और इस बार इसकी मांग दोगुनी हो गई है। इसके लिए कोलकाता और दिल्ली से डेकोरेटर बुलाए जाते हैं। आर्किड, लिली, रजनीगंधा, डेजी और गुलाब की विशेष मांग है। सिंमोडियम आर्किड की एक स्टिक 1800 रुपये तक में आती है।

    सजावट में बांस का काम, नारियल का मोचा, फ्लोरल टनल, पेस्टल टोन और विंटेज सजावट का विशेष चलन है। ब्राइडल एंट्री, ग्रूम एंट्री, म्यूजिकल बैंड, डांस ट्रूप, और इंस्ट्रूमेंटल परफार्मेंस अब लगभग हर पैकेज का हिस्सा बन चुके हैं।

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    आंचल बताती हैं कि अब लोग गोरखपुर से बाहर भी शादी करना पसंद कर रहे हैं। इसलिए नेपाल, अयोध्या, लखनऊ, काशी, काठमांडू और पहाड़ी स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग के आयोजन तेजी से बढ़े हैं।

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    लोगों की मांग के अनुरूप बनते सेट। सौ. इवेंट प्लानर 


    प्री वेडिंग आयोजनों से खुशियों को बना रहे यादगार
    विक्ट्री प्रोडक्शन के संचालक विवेक पाठक बताते हैं कि इवेंट प्लानर एक जगह पर ही सभी व्यवस्था उपलब्ध कराते हैं। दूल्हा पक्ष हो या दूल्हन या आने वाले मेहमानगण, सभी को सिर्फ सज-धजकर आना होता है। लाइट, साउंड, कैटरिंग, डेकोरेशन, थीम डेकोर, दूल्हा- दुल्हन की तरफ से सजावट इत्यादि शामिल है। वे कहते हैं कि 2018 से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

    पहले जहां कम मांग होती थी, वहीं अब इसमें तेजी आई है। पहले गांवों में जहां छह माह पूर्व तैयारी शुरू हो जाती थी। वहीं अब इसका स्थान प्री वेडिंग आयोजनों ने ले लिया है। इसमें सगाई से लेकर शादी के संपन्न होने तक सभी आयोजन शामिल हैं, जो यादगार बनाए जाते हैं।