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    Panchayat Voter List: गोरखपुर पंचायत मतदाता सूची में भारी अनियमितताएंं, शादी से पहले ससुराल की वोटर लिस्ट में दर्ज हो गया नाम

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 07:27 AM (IST)

    गोरखपुर में पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। शिकायतें हैं कि नाम काटे गए, बाहरी लोगों को जोड़ा गया, नाबालिगों को वोटर ...और पढ़ें

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    पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल, नाबालिग, बाहरी और ‘एडवांस बहुएं’ बनी वोटर। जागरण

    अरुण चन्द, गोरखपुर। पंचायतों की अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा पिछले सप्ताह ही समाप्त हो गई है, लेकिन शिकायतों का सिलसिला अभी भी थम नहीं रहा। कहीं मतदाता सूची से नाम काटने की शिकायत हो रही है तो कहीं बाहरी को गांव का मतदाता बनाने की।

    कुछ पंचायतों में युवकों की शादी से पहले ही उनकी होने वाली पत्नी का नाम गांव की मतदाता सूची में दर्ज कर लिया गया। इससे भी अधिक चौंकाने वाला मामला यह है कि जिन लड़कियों की शादी हाल ही में नवंबर के अंतिम सप्ताह में हुई है, उनकी पत्नियों के नाम ‘एडवांस’ में ही मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए। जबकि, पुनरीक्षण अभियान के तहत नाम जोड़ने-काटने का समय इससे पहले ही बीत चुका था।

    इसी तरह नाबालिग को भी वोटर बनाने की तमाम शिकायतें आ रही हैं तो वहीं कई ग्रामीणों या पंचायत चुनाव में दावेदारी करने वालों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि फार्म जमा होने के बाद बीएलओ ने कई फार्म गायब कर दिए।

    सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोनी में पंचायत निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बीएलओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मतदाता सूची में जानबूझकर घोर अनियमितताएं की गई हैं।

    आरोप है कि एक पक्ष के प्रभाव में आकर पहले से दर्ज करीब 170 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए, जबकि दूसरी ओर नाबालिग बच्चों, बाहरी गांव के लोगों और अपात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ दिए गए।

    गांव के पूर्व प्रधान प्रेम चंद चौरसिया और दिग्विजय सिंह सहित कई ग्रामीणों ने एसडीएम सदर दीपक गुप्ता को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि पुनरीक्षण अभियान के तहत 14 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक का समय डोर टू डोर जाकर बीएलओ द्वारा नाम जोड़ने, काटने आदि के लिए निर्धारित था। गांव के युवक सतीश की शादी 23 नवंबर 2025 को हुई, लेकिन उसकी पत्नी मीना का नाम पहले ही मतदाता सूची के क्रमांक संख्या 33 के सामने दर्ज कर दिया गया।

    इसी तरह युवक विशाल की शादी मोहिनी से 29 नवंबर को हुई, मोहिनी का नाम भी क्रमांक संख्या 105 के सामने लिखा है। जबकि, ठीक उलटा गांव के कृष्ण मोहन की पुत्री साक्षी की शादी 29 नवंबर को हुई लेकिन, उसका नाम इसके पहले ही मतदाता सूची से काट दिया गया। यही नहीं साक्षी की मां सरोज का भी नाम मतदाता सूची से बाहर निकाला गया है।

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    यह भी आरोप है कि 18 वर्ष से कम उम्र के कई बच्चों को मतदाता बना दिया गया है, जबकि कई युवा, जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है, उन्हें जानबूझकर सूची से बाहर रखा गया। इतना ही नहीं, एक युवक जो अपने ननिहाल ग्राम पंचायत कोनी में रहता है, उसका नाम भी कथित तौर पर फर्जी तरीके से मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया है।

    इसी तरह की शिकायत उरुवा ब्लाक के नरायनपुर गांव से हुई है। वहां एक युवक की शादी मार्च 2026 में तय है जबकि, उसकी होने वाली पत्नी का नाम अभी ही मतदाता सूची के क्रमांक संख्या 1135 के सामने दर्ज कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बीएलओ पर फार्म गायब करने और जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज थे, उन्हें काटने का भी आरोप लगाया है।