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    गोरखपुर में लगातार तीसरे दिन बुलडोजर एक्शन से हड़कंप, इस इलाके में अवैध प्लाटिंग को किया गया ध्वस्त

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 12:55 PM (IST)

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने राप्ती और रोहिन नदियों के डूब क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ तीसरे दिन भी कार्रवाई की। मंझरिया क्षेत्र में बिना लेआउट पास कराए बसाई जा रही कालोनियों को ध्वस्त किया गया। जीडीए का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी पर स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया है।

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    डूब क्षेत्र में कार्रवाई करती जीडीए की टीम।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने राप्ती व रोहिन नदियों के डूब क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। बिना लेआउट पास कराए बसाई जा रही कालोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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    उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के निर्देश पर शुक्रवार दोपहर जीडीए की टीम मंझरिया क्षेत्र में पहुंची। यहां फोरलेन से सटे नदी के डूब क्षेत्र में लगभग तीन एकड़ जमीन पर प्लाटिंग की गई थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए अरविंद यादव द्वारा करीब एक एकड़ क्षेत्र में बनाई गई बाउंड्रीवाल को गिरा दिया। इसके अलावा दो एकड़ में किए गए प्लाटिंग के चिह्नांकन को भी ध्वस्त कर दिया गया।

    प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि राप्ती और रोहिन नदियों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डेवलपर अवैध रूप से प्लाटिंग कर कालोनियां बसा रहे हैं। इसके खिलाफ प्राधिकरण ने अभियान शुरू किया है और यह आगे भी चलता रहेगा। हालांकि, कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

    डूब क्षेत्र में कई आवासीय और व्यावसायिक भवन पहले से बने हुए हैं और कई का निर्माण जारी है, लेकिन वहां प्राधिकरण की टीम अब तक नहीं पहुंची है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि जीडीए केवल प्लाटिंग या निजी बाउंड्री को तोड़कर कार्रवाई का दिखावा कर रहा है, जबकि बड़े निर्माणों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

    निजी बाउंड्री तोड़े जाने पर भी विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों ने जमीन खरीदकर उसे सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्री कराई थी, लेकिन जीडीए की टीम उसे भी ध्वस्त करा रही है। लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त सुनवाई किए कार्रवाई करना उचित नहीं है।

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    सिंचाई विभाग की अनदेखी से भी हो रहे अवैध निर्माण

    राप्ती नदी पर 30 किमी लम्बे मलौनी बांध के डबल लेन होने के बाद 2017 से उसके डूब क्षेत्र में तेजी से हो रही अवैध प्लाटिंग और निर्माण का संज्ञान लेकर बांध से सटे 14 गांवों की भूमि की रजिस्ट्री पर पिछले साल ही जिला प्रशासन ने सशर्त प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन, उसके बाद भी सिंचाई विभाग की भी अनदेखी से बांध से सटे अवैध निर्माण जोरों पर है।

    पिछले तीन दिन से कार्रवाई कर रहा गोरखपुर विकास प्राधिकरण, अब मलौनी बांध के डूब क्षेत्र के निर्माणों पर कार्रवाई की तैयारी में है। इसे लेकर सर्वेक्षण कराया जा रहा है।