UP News: मृत महिला को ‘जिंदा’ दिखाने वाले पांच जालसाज जेल भेजे गए, फर्जी दस्तावेज देख अधिकारी भी हो गए थे सन्न
गोरखपुर में पुलिस ने पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने एक मृत महिला को जिंदा दिखाकर उसकी जमीन हड़पने की साजिश रची। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर बैंक खाता खोला और वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया। इस मामले में एक निलंबित बाबू मुख्य साजिशकर्ता है और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। खोराबार पुलिस ने छह साल पहले मर चुकी महिला को जिंदा दिखाकर उनकी भूमि हड़पने की साजिश रचने वाले पांच जालसाजों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपितों ने पूछताछ में जालसाजी की बात कबूल की है।गिरोह का सरगना खादी ग्रामोद्योग विभाग का निलंबित बाबू है।पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की तैयारी में है।
सिंघड़िया निवासी महेश्वर मिश्र की मां चंद्रावती का निधन 23 मार्च 2019 को हो गया था। उनकी नाम पर ग्राम तालकंदला (खोराबार ब्लाक) में भूमि है। जालसाजों ने इसी जमीन को निशाना बनाया। उन्होंने मृत महिला के नाम से फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाए, बैंक आफ इंडिया में खाता खोलकर नामिनी भी बदल दिया।
इसके बाद महिला को जिंदा दिखाने के लिए दूसरी महिला को खड़ा कर रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया।पुलिस ने बताया कि जालसाजों ने वरासत के लिए आनलाइन आवेदन भी किया था। आवेदन हल्का लेखपाल जगदीश प्रसाद तक पहुंचा, जिन्होंने एक हफ्ते में काम हो जाएगा कहकर आश्वासन दिया था।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि बांसगांव के कनईचा गांव में रहने वाले खादी ग्रामोद्योग विभाग के निलंबित बाबू अमित राय ने अपने गांव के रहने वाले संतोष कुमार के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। देवरिया के एकौना,भटौली गांव में रहने वाले वाहिद अली,बड़हलगंज के महुलिया सराय निवासी सन्नी कुमार व बड़हलगंज के नेवादा गांव में रहने वाली चंद्रावती देवी ने सहयोग किया था।
बुधवार देर रात सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है।साजिश में जो भी शामिल होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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