Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सिस्टम पर सवाल: गोरखपुर जंक्शन पर एक से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने में फूल जाती हैं सांसें, परवान नहीं चढ़ पाया 'ई कार्ट'

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 09:26 AM (IST)

    गोरखपुर जंक्शन के लंबे प्लेटफार्म पर ई-कार्ट सेवा बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। प्लेटफार्मों के बीच की दूरी और फुट ओवरब्रिज बंद होने से समस्या और बढ़ गई है। प्रशासन की उदासीनता के कारण महिला बुजुर्ग और बच्चों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है।

    Hero Image
    एक से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने में फूल जाती हैं सांसें

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन के 1333.66 मीटर लंबे प्लेटफार्म पर भी 'ई कार्ट' (बैट्री चालित वाहन) परवाना नहीं चढ़ पाया। प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर आवागमन करने में ही पसीना छूट जाता है। दूसरे प्लेटफार्मों पर पहुंचने में सांसें फूल जाती हैं। बंद पड़ा बीच वाला मुख्य फुट ओवरब्रिज (एफओबी) कोढ़ में खाज बना हुआ है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    लखनऊ मंडल प्रशासन ने लखनऊ जंक्शन की भांति गोरखपुर में भी यात्रियों की सुविधा के लिए ई-कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई। एजेंसी नामित कर संचालन की जिम्मेदारी भी सौंप दी। दो ई-कार्ट कुछ माह चले लेकिन एजेंसी ने हाथ खींच लिए। दोनों ई-कार्ट प्लेटफार्म नंबर दो पर धूल फांकते रहे, फिर हटा लिए गए।

    इसके बाद लखनऊ मंडल प्रशासन ने भी विशेष रुचि नहीं ली। लखनऊ मंडल प्रशासन का कहना है कि गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म एक- दूसरे से जुड़े नहीं हैं। प्लेटफार्म नंबर एक और दो विश्व के दूसरे सबसे लंबे प्लेटफार्म होने के बाद भी चारों तरफ से खुले हैं।

    दोनों प्लेटफार्मों पर आवागमन करने के लिए चार प्रवेश द्वार हैं। ऐसे में ई-कार्ट चलाने के लिए कोई फर्म तैयार नहीं हो रही। जबकि, प्लेटफार्मों पर महिला, बुजुर्ग व बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। बंद फुट ओवरब्रिज ने परेशानी और बढ़ा दी है।

    नए फुट ओवरब्रिज के निर्माण को देखकर नहीं लग रहा है कि वह अपने निर्धारित समय पर पूरा हो पाएगा। प्लेटफार्म नंबर एक, दो और नौ पर आवागमन के लिए फुट ओवरब्रिज नहीं चढ़ना पड़ता। लेकिन, दक्षिण की तरफ मुख्य गेट से होकर उत्तर की तरफ नौ नंबर पर जाने वाले यात्रियों को ब्रिज का उपयोग करना ही पड़ता है।

    यह भी पढ़ें- पहली से खुलेगा रेलवे अस्पताल का महिला वार्ड, बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

    इसके अलावा तीन से आठ नंबर तक प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए भी एफओबी का उपयोग करना पड़ता है। पूर्व और पश्चिमी एफओबी के बीच की दूरी भी 800 से 900 मीटर है, जबकि प्लेटफार्म नंबर एक और दो की लंबाई ही 1333.66 मीटर है।

    ऐसे में एक से दूसरे एफओबी तथा तीन से आठ नंबर प्लेटफार्म तक पहुंचने में यात्रियों का दम निकल जा रहा। गर्मी की छुटि्टयों, त्योहारों विशेषकर छठ पर्व आदि पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर परेशानी और बढ़ जाती है।