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    पहली से खुलेगा रेलवे अस्पताल का महिला वार्ड, बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 12:42 PM (IST)

    गोरखपुर के ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल का महिला वार्ड 1 सितंबर से फिर खुलेगा। अस्पताल प्रबंधन ने 29 स्टाफ नर्सों की तैनाती की प्रक्रिया पूरी कर ली है। दैनिक जागरण ने इस मुद्दे को उठाया था जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई की। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले पर खुशी जताई है। अस्पताल में अन्य सुधार कार्य भी किए जा रहे हैं।

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    ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल का महिला वार्ड। जागरण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल (एलएनएम) गोरखपुर का बंद महिला वार्ड एक सितंबर से खुलेगा। रेलवे प्रशासन की पहल पर अस्पताल प्रबंधन ने महिला वार्ड को खोलने की तैयारी तेज कर दी है। वार्ड व अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 29 स्टाफ नर्स की तैनाती की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।

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    आउटसोर्स पर स्टाफ नर्स तैनात करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एजेंसी नामित कर ली है। स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी। अस्पताल प्रबंधन के वार्ड खोलने की तैयारी पर रेलवे कर्मचारी संगठनों ने प्रसन्नता जताई है।

    रेलवे अस्पताल का महिला वार्ड पिछले साल से ही बंद है। वार्ड में ताला लटका है। महिलाओं को भी पुरुष वार्ड में भर्ती किया जाता है। महिला मरीजों की परेशानियां बढ़ गईं थीं। कर्मचारियों में आक्रोश था। मरीजों की मुश्किलों को दैनिक जागरण ने मुद्दा बनाते हुए प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

    एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री ने महाप्रबंधक के समक्ष इस मुददे को प्रमुखता से उठाया था। महामंत्री केएल गुप्ता ने अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार जताया है।

    उन्होंने कहा कि महिला वार्ड खुल जाने से मरीजों को राहत मिलेगी। महामंत्री ने पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख विद्युत इंजीनियर और प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक से मिलकर रेलवे अस्पताल के सभी वार्डों व ओपीडी में सेंट्रलाइज एसी लगाने की भी मांग की है। रेलवे अस्पताल के डायरेक्टर डा. मो. एए खान ने बताया कि संबंधित चिकित्सकों को महिला वार्ड खोलने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    हास्पिटल अटेंडेंट (सफाईकर्मी) और हास्पिटल किचन अटेंडेंट (रसोइया) को आउटसोर्स पर रखने की भी स्वीकृति मिल चुकी है। चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए मैनपावर की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार है। आइसीयू के नवीनीकरण का भी कार्य आरंभ हो चुका है।

    आइसीसीयू में रोगियों की देखभाल एवं उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को काफी वृद्धि हुई है। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक और एंबुलेंस की खरीदारी के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।