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गोरखपुर दोहरे हत्याकांड का खुलासा: परिवार के करीबी रेलकर्मी के बेटे ने की थी मां-बेटी की हत्या, लूट के पैसे गर्लफ्रेंड पर उड़ाए

By Satish PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Sat, 06 Dec 2025 03:06 PM (IST)

गोरखपुर में मां-बेटी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। हत्यारा परिवार का करीबी रजत था, जिसने लूट के इरादे ...और पढ़ें

मामले का खुलासा करते पुलिस अधिकारी। जागरण

मामले का खुलासा करते पुलिस अधिकारी। जागरण

HighLights

  1. घोषीपुरवा में मां-बेटी की हत्या का खुलासा

  2. परिवार के करीबी ने लूट के लिए की हत्या

  3. आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया सामान बरामद

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। घोषीपुरवा में मां–बेटी की हत्या पुलिस ने 11 दिन बाद पर्दाफाश कर दिया। वारदात किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि परिवार के ही बेहद करीबी युवक रजत ने की थी। वह रेलवे कर्मचारी रामाधार का बेटा है और विमला को बुआ कहकर संबोधित करता था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने लूट की नीयत से दोनों की हत्या कर दी। घटना वाली रात उसने शांति देवी और उनकी बेटी विमला को शराब पिलाई, नशे में होने पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या की और घर में रखा करीब 4.50 लाख रुपये नकद और सोने का ब्रेसलेट उठा ले गया।

पुलिस के अनुसार, रजत पिछले कुछ महीनों से आर्थिक दबाव में था। उधार, ऑनलाइन एप की किश्तें और गर्लफ्रेंड पर अत्यधिक खर्च के कारण वह तनाव में था। लूट की रकम से उसने 1.50 लाख का मोबाइल फोन गर्लफ्रेंड को खरीदा, दो लाख रुपये उसके पिता को दिए, और 50 हजार अपने पिता को यह कहकर दिए कि प्रापर्टी डीलिंग से कमाए हैं। लगातार बढ़े खर्च और असामान्य लेन–देन ने ही पुलिस का रडार उसकी ओर घुमाया।

जांच शुरू से ही बेहद चुनौतीपूर्ण थी। हथौड़ा कपड़े में लिपटा होने से उस पर फिंगरप्रिंट नहीं मिले। घर में जबरन घुसपैठ के निशान नहीं थे, जिससे बाहरी हमलावर की संभावना कमजोर पड़ रही थी। पुलिस ने इलाके के 800 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, 200 मोबाइल नंबरों की डिटेल और मोहल्ले–परिवार के लगभग दर्जनों लोगों से पूछताछ की। रजत की लोकेशन, मोबाइल पैटर्न और संदिग्ध खर्च सामने आने के बाद जब उसे हिरासत में लिया गया, तो पूछताछ में वह टूट गया और पूरे घटनाक्रम को स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गलवाए गए सोने के गहनों का हिस्सा भी बरामद किया है।

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घटना के बाद मुकदमा दर्ज कराने वाली शांति देवी की बड़ी बेटी सुशीला दो दिन तक रामाधार (रजत के पिता) के घर ही रही थी। बाद में वह जौनपुर चली गई। उसने भी रिपोर्ट में “लूट” की आशंका जताई थी, लेकिन कातिल परिवार के बिल्कुल करीब खड़ा होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि हत्यारा घर की दिनचर्या, कमजोरियों और नकदी की स्थिति से परिचित था। उसने इसी जानकारी का फायदा उठाकर बेहद योजनाबद्ध ढंग से वारदात को अंजाम दिया। लूटी गई चेन, एक अंगूठी,17 ग्राम सोना,50 हजार रूपये, घटना में प्रयुक्त हथौड़ा और एक बाइक बरामद हुई। आरोपित पर मारपीट के दो केस पहले से दर्ज है।