गोरखपुर की वाटरबॉडी का होगा कायाकल्प, 5.63 करोड़ से होगा सुंदरीकरण; आकर्षण का बनेगा नया केंद्र
Gorakhpur Waterbody गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित 42 एकड़ में फैली वाटरबाडी के कायाकल्प का काम शुरू करा दिया है। पहले चरण में छह एकड़ तक के वाटरबाडी का सुंदरीकरण होगा और बाकी हिस्से की सफाई होगी। इस परियोजना पर 5.63 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 30 एकड़ की वाटरबाडी का प्राधिकरण फिलहाल सिर्फ सफाई कराएगा।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित 42 एकड़ में फैली वाटरबाडी के कायाकल्प का काम शुरू करा दिया है। पहले चरण में प्राधिकरण अपनी आवासीय योजना वैशाली के सामने से लेकर रेल विहार कालाेनी के पीछे तक छह एकड़ में वाटर बाडी की सफाई के साथ ही उसका सुंदरीकरण भी कराएगा।
बारिश का मौसम शुरू होने तक वाटर बाडी का यह हिस्सा विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर उभरेगा और रामगढ़ताल व चिड़िया घर घूमने आने वाले पर्यटकों, स्थानीय लोगों को अपनी ओर लुभाएगा। वहीं नौकायन के सामने छह एकड़ की वाटर बाडी के सुंदरीकरण का कार्य प्राइवेट फर्म पहले से करा रही है। बाकी बचे 30 एकड़ की वाटरबाडी का प्राधिकरण फिलहाल सिर्फ सफाई कराएगा। दूसरे चरण में इसके भी सुंदरीकरण की योजना है।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक नौकायन से तारामंडल की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित पुलिया के नीचे से सांसद रवि किशन के आवास के पीछे से होते हुए रेल विहार कालोनी तक छह एकड़ में फैली वाटरबाडी का जीडीए सुंदरीकरण करा रहा है। साथ ही बाकी की वाटर बाडी की सफाई कराई जा रही है।
जीडीए कराएगा सुंदरीकरण। जागरण
इसे भी पढ़ें- Coca-Cola की बोतल के लिए गीडा में तैयार होगा प्लास्टिक दाना, लोगों को मिलेगा रोजगार
5.63 करोड़ रुपये की इस परियोजना का पिछले सप्ताह जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने निरीक्षण कर जल्द कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के मुताबिक छह एकड़ में वाटरबाडी की सफाई के साथ ही गैबियन वाल (वाटरबाडी के किनारे मिट्टी की कटान रोकने को बोल्डर की दीवार) बनाने का काम चल रहा है।
छह एकड़ में वाटर बाडी का सुंदरीकरण, जबकि 30 एकड़ क्षेत्रफल में फैली बाकी की वाटरबाडी की सफाई कराई जा रही है। तीन से चार माह में यह कार्य पूरा हो जाएगा। दूसरे चरण में बाकी की वाटर बाडी का भी सुंदरीकरण कराया जाएगा। - आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
इसके बाद पत्थर बिछाने के साथ ही वाटर बाडी के किनारे पाथवे, रेलिंग और आकर्षक सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। जगह-जगह बैठने के लिए बेंच लगाए जाएंगे। करीब तीन साल पहले भी जीडीए ने पीपीपी मोड पर पूरी वाटर बाडी के सुंदरीकरण की योजना बनाई थी लेकिन, वह बीच में ही लटक गई।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।