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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोरखपुर में बिजली बिल सुधार के नाम पर घूसखोरी का मामला, क्लर्क ने कहा- दो लाख बन रहा है बिल, कहां दे पाओगे

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Published: Sat, 18 Nov 2023 08:49 AM (IST)

बक्शीपुर खंड क्षेत्र में लगातार बिजली बिल सुधार के मामले में गड़बड़ी की शिकायत मिलती रहती है। शुक्रवार को सूरजकुंड ...और पढ़ें

तिवारीपुर थाने में आरोपित कार्यकारी सहायक संदीप गौतम। सौ. एंटी करप्शन
तिवारीपुर थाने में आरोपित कार्यकारी सहायक संदीप गौतम। सौ. एंटी करप्शन

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बिजली निगम में बक्शीपुर खंड क्षेत्र के सूरजकुंड एसडीओ कार्यालय के कार्यकारी सहायक संदीप कुमार ने वसूली के लिए आरओ प्लांट संचालक मंतोष पर बहुत दबाव बनाया था। एक वीडियो में संदीप कह रहा है कि दो लाख रुपये बन रहे हैं, कहां दे पाओगे। वह बार-बार दो अंगुली दिखाकर बता रहा था कि दो लाख रुपये का बिल बनेगा। मंतोष ने पांच हजार रुपये में मामला निपटाने की बात कही तो नाराज संदीप ने घूस की राशि 30 हजार रुपये कर दी। हालांकि बाद में मामला 25 हजार रुपये पर आ गया।

यह है मामला

बक्शीपुर खंड में वसूली और गोलमाल की लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं। बिल सुधार के नाम पर वसूली करने वाले एकाउंटेंट और लिपिक को बर्खास्त भी किया जा चुका है। दो लिपिकों की वेतन वृद्धि रोकी गई थी। इसी मामले में अधिशासी अभियंता पर तकरीबन पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

वर्ष 2014 में घूस लेते एक कर्मचारी को पकड़ा गया था। हाल ही में मोहद्दीपुर में बैंक का कनेक्शन जोड़ने के नाम पर वसूली के मामले में अधिशासी अभियंता, एसडीओ और अवर अभियंता को निलंबित किया जा चुका है। तीन निविदा कर्मचारियों के खिलाफ कैंट थाने में एफआइआर भी दर्ज की गई थी। इनकी गिरफ्तारी भी की गई।

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एक दिन का बिल बनेगा 22 सौ रुपये

मंतोष का आरोप है कि एसडीओ ने कहा था कि प्रति किलोवाट रोजाना का 155 यूनिट का बिल बना दूंगा। यानी एक महीने का बिल तकरीबन 66 हजार रुपये बन जाएगा। मंतोष ने बताया कि जीविकोपार्जन के लिए कोरोना संक्रमण काल में उसने आरओ प्लांट का संचालन शुरू किया था। वह लगातार बिल भी जमा कर रहा है। कार्यकारी सहायक कुशीनगर का रहने वाला है। उसकी वर्ष 2019 में नियुक्ति हुई थी।

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एसडीओ ने नहीं रिसीव की कॉल

आरोपों पर पक्ष जानने के लिए एसडीओ अजय यादव के सीयूजी नंबर 9450963795 पर कई बार फोन किया गया, संदेश भी दिया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।