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    शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण पर शिकंजा, प्रशासन की कसौटी पर खरा उतरने पर ही आवेदनों पर अनुमति की लगेगी मुहर

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Thu, 16 Nov 2023 04:04 PM (IST)

    शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण पर शिकंजा कस गया है। सख्ती के बाद शस्त्र लाइसेंस के वरासत एवं हस्तांतरण से जुड़े आवेदकों में खलबली मच गई है। प्रशासन का कहना है कि संपत्ति की तरह शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण की प्रक्रिया अनिवार्य नहीं है। परीक्षण में सही पाए जाने पर ही संबंधित को शस्त्र लाइसेंस का वरासत या हस्तांतरण किया जाएगा।

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    शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण पर शिकंजा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    अरुण चन्द, गोरखपुर। जिले में नए लाइसेंस जारी करने पर रोक के साथ ही अब शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण पर भी शिकंजा कस गया है। सभी शर्तों के साथ ही लोक शांति और लोक सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कसौटी पर खरा पाए जाने के बाद ही शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण के आवेदनों पर अनुमति की मुहर लगेगी। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक फाइलों को रोक दिया है। इनमें कुछ में तो रायफल क्लब की फीस के तौर पर छह हजार रुपये की फीस भी जमा करा ली गई है, जिसे लौटाने की भी तैयारी चल रही है।

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    प्रशासन की इस सख्ती के बाद शस्त्र लाइसेंस के वरासत एवं हस्तांतरण से जुड़े आवेदकों में खलबली मच गई है। सप्ताह भर से कई आवेदक, कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालयों से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट व एडीएम सिटी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इनका कहना है कि आवेदन के बाद जरूरी रिपोर्ट भी लग गई है, बावजूद इसके लाइसेंस नहीं जारी किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि संपत्ति की तरह शस्त्र लाइसेंस के वरासत और हस्तांतरण की प्रक्रिया अनिवार्य नहीं है। परीक्षण में सही पाए जाने पर ही संबंधित को शस्त्र लाइसेंस का वरासत या हस्तांतरण किया जाएगा।

    तीन साल में 581 शस्त्र लाइसेंस का वरासत-स्थानांतरण

    अगस्त, 2019 में फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला सामने आने के बाद नए लाइसेंस पर पूरी तरह से रोक लग गई है। तब से सिर्फ निशानेबाजी से जुड़े खिलाड़ियों को लाइसेंस जारी करने के साथ वरासत और स्थानांतरण के ही मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक दो दिसंबर, 2020 से अक्टूबर 2023 तक 581 शस्त्र लाइसेंस का वरासत व स्थानांतरण हुआ। इनमें वरासत के मामले ज्यादा हैं।

    वरासत-स्थानांतरण की जरूरी शर्त

    लाइसेंसधारी की मृत्यु होने पर उसके वारिस के नाम शस्त्र लाइसेंस का वरासत हो सकता है। दो या उससे अधिक वारिस होने की दशा में बाकी वारिसों को शपथ पत्र के साथ ही शस्त्र अनुभाग में उपस्थित होकर यह बताना होगा कि संबंधित वारिस के नाम शस्त्र लाइसेंस किए जाने पर उसे कोई अपत्ति नहीं है। इसी तरह शस्त्र लाइसेंसधारी की उम्र 70 वर्ष हो जाने या शस्त्र धारण किए हुए उसे 25 साल हो जाने पर लाइसेंस हस्तांतरित किया जा सकता है।

    क्या कहते हैं एसडीएम

    सभी प्रपत्र सही पाए जाने के साथ ही परीक्षण में जरूरी पाए जाने पर ही संबंधित के शस्त्र लाइसेंस का वरासत या स्थानांतरण होगा। एक्ट में कहीं पर भी यह प्रविधान नहीं है कि संपत्ति की तरह शस्त्र लाइसेंस का वरासत या हस्तांतरण अनिवार्य तौर पर किया ही जाए। प्रशासन के विवेक पर निर्भर करता है कि वह वरासत व हस्तांतरण करे या नहीं करे। इसी आधार पर कुछ फाइलें रोकी गई हैं। - अंजनी सिंह, एडीएम सिटी

    आर्म्स रूल्स 2016 के नियम 25 में यह प्रविधान है कि समुचित कारण मिलने पर ही लाइसेंसिंग प्राधिकारी नए लाइसेंस या लाइसेंस का वरासत व हस्तांतरण करेगा। परीक्षण में आपराधिक रिकार्ड पाए जाने या फिर लोक शांति और लोक सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का खतरा पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। यह लाइसेंसिंग प्राधिकारी का विवेकाधिकार है । - जेपी सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता