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    गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय में दवा वितरण व पंजीकरण की व्यवस्था बदली, रोगियों को मिलेगी सुविधा

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 08:40 AM (IST)

    गोरखपुर के महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दवा वितरण और पंजीकरण की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। कुलपति डॉ. के रामचंद्र रेड्डी ने नई व्यवस्था का निरीक्षण किया। ओपीडी में बढ़ते दबाव को देखते हुए पंजीकरण और दवा वितरण कक्ष को एक बड़े हॉल में स्थानांतरित किया गया है, जिससे मरीजों को सुविधा होगी। दवा वितरण प्रणाली को केंद्रीकृत किया जा रहा है।

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    संवाद सूत्र भटहट। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। शनिवार को कुलपति डा के रामचंद्र रेड्डी ने नई व्यवस्था का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। कुलपति ने ओपीडी पहुंचे रोगियों से बात कर सुविधाओं की जानकारी ली। रोगियों ने विश्वविद्यालय की सेवाओं पर संतोष जताया।

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    ओपीडी में बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए मुख्य भवन के भूतल पर स्थित पंजीकरण और दवा वितरण कक्ष को एक बड़े हाल में स्थानांतरित किया गया है। इससे पहले पंजीकरण व दवा वितरण किचन के लिए बने कमरे में संचालित हो रहा था, जिससे रोगियों को असुविधा होती थी। नई व्यवस्था में हाल के एक तरफ दवा वितरण तथा दूसरी तरफ पंजीकरण काउंटर बनाए गए हैं।

    इससे रोगियों की कतारों में भीड़ नहीं होगी और प्रक्रिया सुगम हो जाएगी। बड़े हाल में रोगियों के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय भी बनाए गए हैं। कुलपति ने कहा कि सरकार की आेर से निर्धारित सभी मानकों का पालन किया गया है।

    कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में दवा वितरण प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह केंद्रीकृत किया जा रहा है। इससे औषधि भंडार कक्ष में उपलब्ध दवाओं का पूरा डेटा एक क्लिक में देखा जा सकेगा।

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    विश्वविद्यालय के साफ्टवेयर में रोगी का पंजीकरण होते ही उसकी जानकारी दर्ज हो जाएगी। ओपीडी में चिकित्सक की लिखी गई दवाएं भी उसी समय साफ्टवेयर में चिह्नित की जाएंगी। दवा वितरण कक्ष में रोगी को पंजीकरण क्रम के अनुसार पर्ची मिलेगी, जिसके आधार पर उसे भंडार कक्ष से औषधियां प्रदान की जाएंगी। इस प्रक्रिया से दवाओं के स्टाक की जानकारी भी मिलती रहेगी।

    निरीक्षण के दौरान कुलपति के साथ परीक्षा नियंत्रक मनीष कुमार राय, निजी सचिव शिवांग पति त्रिपाठी, आशुतोष राय और संदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।