Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Gorakhpur Zoo: वन मंत्री के निर्देश के बाद बीमार पटौदी को भेजा गया कानपुर, लगातार जानवरों की मौत से मचा है हड़कंप

    गोरखपुर चिड़ियाघर (Gorakhpur Zoo) में बीमार बब्बर शेर पटौदी को वन मंत्री के निर्देश के बाद कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया। चिकित्सकों की टीम भी साथ गई है। पटौदी एक महीने से बीमार है और उसके लिवर में संक्रमण है। उसकी उम्र लगभग 15 वर्ष है और खुराक भी कम हो गई है। बेहतर इलाज के लिए यह फैसला लिया गया।

    By Jagran NewsEdited By: Vivek Shukla Updated: Sun, 11 May 2025 08:25 AM (IST)
    Hero Image
    बीमार पटौदी को भेजा गया कानपुर। जागरण

    जागरण सवाददाता, गोरखपुर। चिड़ियाघर में लगातार हो रही मौतों के बीच बीमार बब्बर शेर पटौदी को शनिवार की रात कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। साथ में चिकित्सको की टीम भी गयी है। वहीं, पर उसका इलाज होगा।

    वह एक महीने से बीमार चल रहा है। उसके लिवर समेत अन्य शरीर में संक्रमण भी मिला है। प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. अरुण कुमार सक्सेना से निर्देश मिलने के बाद यह फैसला लिया गया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बब्बर शेर की औसत उम्र 15 से 16 वर्ष होती है। पटौदी करीब 15 वर्ष का हो गया है। ऐसे में उम्र के साथ उसकी खुराक भी कम हो गई है। उसका महीने भर से इलाज चल रहा है। इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) बरेली की टीम ने भी इसका इलाज किया।

    इसे भी पढ़ें- गोरखपुर में आज सीएम योगी रखेंगे 'योगभूमि' की नींव, 31 करोड़ की लागत… योगानंद की जन्मभूमि को मिलेगी पहचान

    पटौदी। जागरण


    शुक्रवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने चिड़ियाघर के निरीक्षण के दौरान पटौदी को भी देखा। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए इसे कानपुर चिड़ियाघर भेजने का निर्णय हुआ। शनिवार की रात में उसे कानपुर भेज दिया गया।

    पटौदी काफी कमजोर हो गया था जिस वजह से उसे बिना हड्डी वाला मीट ही दे रहा था। आमतौर पर बब्बर शेर को गर्मी में 10 से 12 किलो मीट दिया जाता है लेकिन पटौदी अभी केवल चार से पांच किलो ही खा रहा था।

    इसे भी पढ़ें- Gorakhpur Zoo में नहीं रुक रहा वन्यजीवों के मौतों का सिलसिला, बाघ, भेड़िया व बाघिन के बाद अब तेंदुए की मौत

    पटौदी को बेहतर इलाज के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया है। आईवीआरआई की टीम ने भी उसका इलाज किया और कानपुर भेजने का सुझाव दिया। -विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर