Gonda News: बारिश का वार नहीं झेल पा रही छत-दीवार, परिसर जलमग्न, कई दिनों तक स्कूलों में ठप रहेगा खेलकूद
Gonda News- आपरेशन कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों की मदद से 2611 स्कूलों के सुंदरीकरण का दावा किया जा रहा है। परिसर में मिट्टी पटाई से लेकर कमरों में ...और पढ़ें
गोंडा, जागरण संवाददाता। बारिश से आमजन व किसान तो परेशान हैं ही। शिक्षक, विद्यार्थी व खिलाड़ियों के लिए भी मुश्किल की घड़ी है। स्टेडियम से लेकर स्कूल के खेल मैदान जलमग्न हो गए हैं। बरसात का वार विद्यालयों की छत-दीवारें नहीं झेल पा रही हैं। पहले से जर्जर कई भवनों में दरार बढ़ गई। इनके ध्वस्तीकरण तक अध्यापकों व छात्रों को खतरे की आशंका के बीच पठन-पाठन करना पड़ेगा। कायाकल्प कराने का दावा भले ही किया जा रहा है लेकिन, स्कूलों में जलभराव मिट्टी पटाई न कराने की गवाही दे रहे हैं।
कई गांवों में अध्यापकों की नहीं चल रही
आपरेशन कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों की मदद से 2611 स्कूलों के सुंदरीकरण का दावा किया जा रहा है। परिसर में मिट्टी पटाई से लेकर कमरों में फर्श, बिजली, शौचालय व शुद्ध पानी की व्यवस्था करना है। प्रधानाध्यापकों को कार्यक्रम के संचालन का जिम्मा सौंपा गया है लेकिन, कई गांवों में अध्यापकों की नहीं चल रही है।
विभागीय अधिकारी भी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में स्कूल खस्ताहाल हैं। यहां छात्रों को संसाधनों के अभाव में पढ़ाई करना पड़ रहा है। बारिश ने व्यवस्था का राजफाश करने के साथ ही गतिविधियों पर विराम लगा दिया है।
जलभराव के कारण नहीं हो क्रीड़ा प्रतियोगिता की तैयारी
परिषदीय स्कूलों के छात्रों की क्रीड़ा प्रतियोगिता होनी है। इसमें 16 हजार से अधिक छात्रों को प्रतिभाग करना है लेकिन, वह जलभराव के कारण तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। बरसात रुकने के बाद भी कई दिनों तक कीचड़ रहेगा। ऐसे में मुश्किल होगी। यही हाल, स्टेडियम का है। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूलों में व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
सोहांस की छत व प्राइमरी बेलसर की ढही दीवार
मनकापुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहांस के बरामदे की छत ढह गई है। प्राथमिक विद्यालय बेलसर द्वितीय की चहारदीवारी गिर गई है। गनीमत रही इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है। इससे पहले नगर में भी परिषदीय स्कूल की छत ढह चुकी है।
जिम्मेदार जर्जर भवन में पठन-पाठन न कराने का आदेश देकर दायित्व से इतिश्री कर ले रहे हैं। अध्यापकों के लिए छात्रों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
अधर में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग के जर्जर स्कूल भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। जुलाई में डीएम डा. उज्ज्वल कुमार ने तकनीकी जांच के लिए समिति गठित की थी। 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी थी लेकिन, अब जांच आख्या नहीं आई है।
नंबर गेम
- 2611 परिषदीय स्कूलों का हो रहा संचालन
- 565 स्कूल भवन हैं जर्जर
- 04 लाख छात्रों का है नामांकन
-11 हजार शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों की है तैनाती।

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