गोंडा में साल भर से टंकियों की नहीं हो रही सफाई, दूषित जल पीने को मजबूर शहरवासी
गोंडा में जलकल विभाग की लापरवाही से शहरवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। एक साल से पानी की टंकियों की सफाई नहीं हुई है और पुरानी पाइपलाइनें नालों से ...और पढ़ें

साल भर से टंकियों की नहीं हो रही सफाई।
संवाद सूत्र, गोंडा। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से पीने से 11 लोगों की मौत होने के बाद भी जलकल विभाग गंभीर नहीं हो रहा है। मंडल मुख्यालय स्थित शहर में प्रतिदिन एक लाख लोग गंदा पानी पी रहे हैं। टंकियों की साल भर से सफाई नहीं हुई जबकि पुरानी पाइप लाइन का पानी नालों में बहता रहता है। कहीं-कहीं ये पाइप लाइन नालों से होकर गुजरी है, जहां नाले का पानी अक्सर क्षतिग्रस्त हो चुकी पाइपलाइन के माध्यम से लोगों के घर तक पहुंच जाता है।
मंडल मुख्यालय स्थित ढाई लाख शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति के लिए गांधी पार्क, पटेलनगर, महारानीगंज, एसपी आफिस, काशीराम कालोनी समेत विभिन्न स्थानों पर 12 पानी टंकियां हैं, जिनकी हर छह माह पर सफाई होनी चाहिए।
इसके बावजूद यहां अधिकांश टंकियों की सफाई साल भर से नहीं हुई है, जिनसे गंदा पानी लोगों के घर पहुंच रहा है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या है पाइप लाइन की।
टंकियों से घरों तक पहुंचाने के लिए करीब 30 किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाई गई है। करीब पांच किलोमीटर की पाइप लाइन अत्यंत जर्जर है,जो अक्सर टूटी होने के कारण रिसाव की वजह बनती रहती हैं। इनमें कुछ पाइपलाइन तो शहर के विभिन्न नाले-नालियों से होकर गुजरती हैं।
इन स्थानों पर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन में जलापूर्ति ठप होते ही नालों का पानी अंदर चला जाता है, जो बाद में घरों में पहुंचता है। जेल रोड स्थित काशीराम आवासीय कालोनी समेत कई जगह कालोनियों में पानी ऊपर के मंजिलाें पर नहीं चढ़ता है ताे लोग बिजली मोटर जलाकर पानी ऊपर खींचते हैं।
ऐसे में पाइप लाइन टूटी हाेने के कारण प्राय: क्षतिग्रस्त नालियों का गंदा पानी पाइपलाइन में पहुंचकर टोटियों से गिरने लगता है। जल कल के अभियंता रत्नेश ने बताया कि टंकियों की सफाई साल भर पहले हुई थी, इस साल नहीं हो पाई है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि टंकियों की सफाई कब हुई थी, इसकी जानकारी करके ही बता पाएंगे।
बिजली गुल होने से 200 घरों की जलापूर्ति ठप
जेल राेड स्थित काशीराम आवासीय कॉलोनी में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण करीब 200 घरों में पेयजल आपूर्ति का संकट बरकरार है। यहां गुरुवार की शाम बिजली लाइन में फाल्ट आने के बाद पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते लोगों को बाहर से पानी लाकर पीना पड़ रहा है।

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