नगर पालिका परिषद अध्यक्षा उजमा राशिद पर जालसाजी का मुकदमा, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई, यह है मामला
अभिलेखों में कूटरचना करके रकाबगंज मुहल्ले में स्थित शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में नगर पालिका परिषद गोंडा की अध्यक्ष उजमा राशिद फंस गई हैं। डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर नगर कोतवाली में जालसाजी व धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा कराया गया है। उजमा राशिद गतवर्ष सपा के टिकट पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव जीती थीं।

संवाद सूत्र, गोंडा। अभिलेखों में कूटरचना करके रकाबगंज मुहल्ले में स्थित शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में नगर पालिका परिषद गोंडा की अध्यक्ष उजमा राशिद फंस गई हैं। डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर नगर कोतवाली में जालसाजी व धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा कराया गया है। उजमा राशिद गतवर्ष सपा के टिकट पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव जीती थीं।
यह है पूरा मामला
नगर पालिका परिषद गोंडा के रकाबगंज मुहल्ला स्थित दुकान संख्या 15 व 16 शत्रु संपत्ति है। 1967 में देश की शत्रु संपत्तियां, संरक्षक शत्रु संपत्ति गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के नाम हस्तांतरित कर दी गई थी। वर्ष 2020 में गोंडा के रकाबगंज स्थित शत्रु सम्पत्ति पर अवैध कब्जा किए जाने का प्रकरण सामने आया था। संरक्षक शत्रु सम्पत्ति गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के स्तर पर जांच कराई गई।
जांच में शत्रु संपत्तियों पर अनाधिकृत रूप से कब्जा किए जाने का राजफाश हुआ। जांच में पाया गया कि उजमा राशिद को वर्ष 2001-02 से किरायेदार दिखाकर अभिलेखों में शुत्र संपत्ति का हस्तांतरण कर दिया गया। नगर पालिका परिषद गोंडा के शत्रु संपत्ति संबंधी दस्तावेजों से छेड़छाड़, कूटरचना कर अनियमित एवं अवैध तरीके से उजमा राशिद का नाम अंकित किया गया।
15 जून 2023 को प्रशासन ने दुकान खाली कराकर सील करा दिया था। संरक्षक शत्रु सम्पत्ति गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के निर्देश पर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो गिरीश चंद्र सोनकर ने नगर कोतवाली में एफआइआर कराई है। एसडीएम सदर ने अवनीश त्रिपाठी ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से की थी शिकायत
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सूर्य नारायण तिवारी ने नगर पालिका परिषद में गड़बड़ियों व शत्रु संपत्ति के अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई की मांग एक माह पूर्व मुख्यमंत्री से की थी।
मुख्यमंत्री ने मामले की जांच करार कार्रवाई के आदेश दिए थे। जांच में शिकायत सही मिलने पर सफाईनायकों का तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया था। शत्रु संपत्ति पर कब्जे के मामले में कार्रवाई होने से चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।
शहर में सुरक्षित नहीं सरकारी जमीन
शत्रु संपत्ति ही नहीं, अन्य सरकारी जमीन भी शहर में सुरक्षित नहीं है। वक्फ की संपत्तियों हों या फिर नाला व तालाब, सभी जगह शापिंग माल, दुकान व मकान बने हुए हैं। शहर में एक चर्चित मामले की जांच तत्कालीन डीएम ने कराई थी। जांच में शापिंग माल का आधा हिस्सा तालाब में बने होने की पुष्टि हुई, लेकिन कार्रवाई से पहले ही उनका तबादला हो गया।
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