Move to Jagran APP

'यूं ही कोई बेवफा नहीं होता…', बृजभूषण सिंह ने अयोध्या में BJP की हार की बताई असली वजह, राजा भैया के समर्थन न करने पर कह दी ये बात

कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में लल्लू सिंह की हार पर कहा कि लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट से हार भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह की व्यक्तिगत हार नही है यह प्रशासनिक व्यवस्था की हार है। पूर्व सांसद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कैसरगंज बहराइच व गोंडा लोकसभा सीट जीती हैं लेकिन श्रावस्ती सीट हार गए। हार का कारण पूछने पर पूर्व सांसद ने कहा...

By Varun Yadav Edited By: Riya Pandey Published: Sun, 09 Jun 2024 06:44 PM (IST)Updated: Sun, 09 Jun 2024 06:44 PM (IST)
कैसरगंज के पूर्व सांसद ने बताई लोकसभा चुनाव में हार की वजह

रमन मिश्र, गोंडा। लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट से हार भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह की व्यक्तिगत हार नही है, यह प्रशासनिक व्यवस्था की हार है। यह बात रविवार को नवाबगंज के विश्नोहरपुर स्थित आवास पर बातचीत के दौरान कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कही।

उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में कोई आएगा नहीं तो छोटे दुकानदारों की आजीविका कैसे चलेगी ? किसी भी वीआइपी के आने पर अयोध्या से 15-20 किलोमीटर दूर से ही लोगों का आवागमन रोक दिया जाता है। यहीं, नहीं कई ऐसी समस्याएं भी हैं जिन्हें कहा नहीं जा सकता। चुनाव परिणाम आने के बाद अब सच्चाई सबको समझ में आने लगी है।

पूर्व सांसद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में देवीपाटन मंडल की स्थिति बेहतर रही है। पार्टी ने कैसरगंज, बहराइच व गोंडा लोकसभा सीट जीती हैं, लेकिन श्रावस्ती सीट हार गए। हार का कारण पूछने पर पूर्व सांसद ने कहा कि यदि पार्टी यहां से स्थानीय प्रत्याशी उतारती तो ये सीट भी जीती जा सकती थी।

कार्यकर्ताओं व जनता से दूरी पड़ गई भारी

उन्होंने कहा कि साकेत मिश्र का बहराइच से पुराना संबंध जरूर रहा है, लेकिन कार्यकर्ताओं व जनता से दूरी भारी पड़ गई। टिकट भी उन्हें समय से मिल गया था, लेकिन वह कार्यकर्ताओं व जनता में घुलमिल नहीं सके। प्रतापगढ़ में रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया के भाजपा का समर्थन न करने सवाल पर उन्होंने कहा, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता, कुछ तो वजह रही होगी।

पूर्व सांसद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में देवीपाटन मंडल का राजनीतक समीकरण एक क्षत्रिय, एक ब्राह्मण, एक पिछड़ा वर्ग व एक अनुसूचित वर्ग के उम्मीदवार का है। जबतक ये समीकरण ठीक नहीं होगा तबतक परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल सकता।

निमत्रंण से पहले ही कार्यक्रम थे तय

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल न होने के सवाल पर पूर्व सांसद ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह का आमंत्रण मिलने से पहले उन्होंने मऊ व अयोध्या जिले में कार्यक्रम तय कर रखे थे। ऐसे में वह शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जा पा रहे हैं। कैसरगंज करण भूषण सिंह शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद वह पीएम मोदी व केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों से मिलकर बधाई देंगे।

यह भी पढ़ें: ...तो इसलिए अयोध्या में जीती सपा, भाजपा भी न समझ सकी अखिलेश की पार्टी की 'अचूक रणनीति'; गुपचुप हुआ काम


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.