Move to Jagran APP

...तो इसलिए अयोध्या में जीती सपा, भाजपा भी न समझ सकी अखिलेश की पार्टी की 'अचूक रणनीति'; गुपचुप हुआ काम

फैजाबाद संसदीय क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद की जीत में उनका कच्छप गति से किया गया शांत प्रबंधन अचूक रहा। उनकी सधी हुई रणनीति को भाजपा समझ नहीं पाई। इस रणनीति का मुख्य हिस्सा पुराने क्षत्रपों को फिर से सपा में वापस लाना रहा। अवधेश ने इलाकाई क्षत्रपों की अहमियत समझते हुए न सिर्फ पार्टी में उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त किया।

By prahlad tiwari Edited By: Aysha Sheikh Sat, 08 Jun 2024 04:02 PM (IST)
...तो इसलिए अयोध्या में जीती सपा, भाजपा भी न समझ सकी अखिलेश की पार्टी की 'अचूक रणनीति'; गुपचुप हुआ काम

प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। फैजाबाद संसदीय क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद की जीत में उनका कच्छप गति से किया गया शांत प्रबंधन अचूक रहा। उनकी सधी हुई रणनीति को भाजपा समझ नहीं पाई। इस रणनीति का मुख्य हिस्सा पुराने क्षत्रपों को फिर से सपा में वापस लाना रहा। अवधेश ने इलाकाई क्षत्रपों की अहमियत समझते हुए न सिर्फ पार्टी में उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त किया बल्कि उनको पार्टी में उचित सम्मान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रुदौली के पूर्व विधायक अब्बास अली जैदी रुश्दी मियां सपा में वापस लौटे थे। वह रुदौली विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर लगातार दो बार विधायक चुने गए। वर्ष 2022 में जब सपा ने उनका टिकट काट कर पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव को रुदौली से उम्मीदवार बनाया तो रुश्दी मियां नाराज होकर बसपा में चले गए और बसपा ने उनको उम्मीदवार बना दिया। चुनाव में सपा प्रत्याशी आनंदसेन यादव को 53 हजार 368 मत प्राप्त हुए, जबकि बसपा प्रत्याशी रुश्दी मियां ने 52 हजार 185 मत प्राप्त कर अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास करा दिया।

इंडी गठबंधन उम्मीदवार को मिले ज्यादा वोट

यहां सपा व बसपा को मिले मतों में मात्र एक हजार 183 मतों का अंतर होने से सपा आलाकमान को भी रुश्दी की जमीनी पकड़ का अहसास हुआ। इस लोकसभा चुनाव में जब पूर्व विधायक आनंदसेन नाराज हुए और पार्टी के प्रचार से किनारा कर लिया तो अवधेश प्रसाद सपा में रुश्दी मियां की वापसी कराने में सफल हो गए।

इसका लाभ अवधेश को मिला। विधानसभा चुनाव में सपा व बसपा को मिलाकर कुल एक लाख पांच हजार 553 मत मिले और लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन उम्मीदवार को यहां पर एक लाख चार हजार 113 मत मिले। इस प्रकार इंडी गठबंधन ने बीजेपी को यहां पर 11 हजार मतों से पराजित करने में सफलता पाई।

दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में रितेश कुमार सिंह की वापसी सपा में हुई। वह दरियाबाद से छह बार विधायक व मंत्री रहे दिवंगत राजा राजीव कुमार सिंह के पुत्र हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में राजा राजीव कुमार सिंह के स्थान पर सपा ने अरविंद सिंह गोप को उम्मीदवार बनाया था।

चुनाव के दौरान ही राजा राजीव कुमार सिंह की मृत्यु हो गई। तब उनके पुत्र रितेश सिंह चुनाव मैदान में निर्दलीय उतरे थे। हालांकि विपरीत हालातों में भी वह नौ हजार 378 मत प्राप्त करने में सफल रहे। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद रितेश की वापसी सपा में हुई।

खुद अवधेश प्रसाद ने रितेश की सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात कराई। यहां पर इंडी गठबंधन उम्मीदवार को एक लाख 31 हजार 277 मत मिले और लगभग 10 हजार से अधिक मतों से दरियाबाद में सपा जीती।