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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मेरे बयान में कुछ गलत तो कानूनी कार्रवाई करें', यति नरसिंहानंद ने मौलानाओं को दी इस्लाम पर शास्त्रार्थ की चुनौती

Published: Sun, 03 Nov 2024 12:35 PM (IST)Updated: Sun, 03 Nov 2024 12:59 PM (IST)

डासना देवी मंदिर के महंत Yati Narsinghanand Giri ने इस्लाम पर मौलानाओं को शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। उनके खिलाफ ...और पढ़ें

यति नरसिंहानंद गिरी ने डासना देवी मंदिर में प्रेस वार्ता की। फोटो- जागरण
यति नरसिंहानंद गिरी ने डासना देवी मंदिर में प्रेस वार्ता की। फोटो- जागरण

HighLights

  1. यति नरसिंहानंद ने मुस्लिमों और पुलिस से बताया अपनी जान को खतरा
  2. यति नरसिंहानंद मामले में 100 संत उच्च न्यायालय में देंगे शपथ पत्र

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरी ने इस्लाम पर मौलानाओं को शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। उनके खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका के संबंध में यति का कहना है कि एनसीआर के 100 संत कोर्ट में शपथ पत्र देकर मांग करेंगे कि यति नरसिंहानंद के बयान में कुछ गलत है तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

मुस्लिमों और पुलिस से बताया जान को खतरा

रविवार को डासना देवी मंदिर में प्रेस वार्ता में यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उन्होंने 29 सितंबर को हिंदी भवन में हुए कार्यक्रम कुछ भी गलत नहीं कहा था। इसके बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने इस्लाम पर अपने विचारों को लेकर किसी भी मौलाना से शास्त्रार्थ करने को तैयार हैं। यति ने मुस्लिमों और पुलिस से अपनी जान को खतरा बताया है। उनकी हत्या की साजिश रची गयी है। बड़ी फंडिंग भी इस काम के लिए हुई है।

पुलिस ने अवैध हिरासत में रखा

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें अवैध हिरासत में गाजियाबाद पुलिस ने चार अक्टूबर की रात से 29 अक्टूबर तक अवैध हिरासत में रखा उसके लिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि उन्हें शास्त्रार्थ की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर से 22 तक धर्म संसद का आयोजन गाजियाबाद और हरिद्वार में किया जाएगा।

यति नरसिंहानंद को 4 अक्टूबर को किया गया था नजरबंद

उल्लेखनीय है कि डासना स्थित देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरी को अब नजरबंद के पहरे से मुक्ति मिल गई है। पैगंबर मोहम्मद साहब पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा देवी मंदिर और पुलिस पर पथराव के बाद चार अक्टूबर को यति नरसिंहानंद को नजरबंद किया गया था। बुधवार को वह डासना स्थित देवी मंदिर पहुंचे।

यति नरसिंहानंद गिरी ने डासना स्थित देवी मंदिर पहुंचकर हाल ही में क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस द्वारा गिरफ्तार मनोज प्रजापति का मामला उठाया है। आरोप है कि लिफ्ट में मुस्लिम व्यक्ति को देखकर मनोज प्रजापति ने जिज्ञासावश उनके बारे में जानकारी मांगी, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश कर कारी आलमगीर ने रिपोर्ट दर्ज करवा दी।

यति का आरोप, पुलिस ने मनोज पर की एकतरफा कार्रवाई

आलमगीर ने मनोज और उसकी पत्नी का मोबाइल नंबर भी एक वीडियो के माध्यम से सोशल मीडिया पर वायरल किया। आरोप लगाया कि जय श्री राम न बोलने पर उनको सोसायटी से बाहर निकाल दिया गया। यति का आरोप है कि पुलिस ने मनोज पर एकतरफा कार्रवाई की है।

मनोज और उसकी पत्नी का मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले पर कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि मोबाइल नंबर प्रसारित किए जाने के बाद मनोज प्रजापति व उसकी पत्नी को फोन पर लगातार धमकियां मिल रही हैं। अपने बयान में यति ने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए मिलने का समय मांगा है।