यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोरोना संक्रमित शवों की अस्थियों को ले जाना भूल गए लोग, अब निगम कर्मचारी करेंगे घाट पर विसर्जन, दिलाएंगे मोक्ष
हरनंदी स्थित विद्युत शवदाह गृह से लोग अपनों की अस्थियों ले जाना भूल गए। कोरोना संक्रमित शवों की इन अस्थियों ...और पढ़ें

गाजियाबाद, [हसीन शाह]। हरनंदी स्थित विद्युत शवदाह गृह से लोग अपनों की अस्थियों ले जाना भूल गए। कोरोना संक्रमित शवों की इन अस्थियों को मोक्ष का इंतजार है। यदि इन अस्थियों को स्वजन लेने नहीं आते हैं तो निगम के कर्मचारी खुद ब्रज घाट में इनका विसर्जन करेंगे। हरनंदी मोक्ष स्थल पर कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए 24 प्लेटफार्म हैं। इसके अलावा हरनंदी घाट पर विद्युत शवदाह मशीन है।
इस मशीन पर केवल कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार होता है। अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में हरनंदी मोक्ष स्थल पर शव आ रहे थे। अंतिम संस्कार के लिए आठ-आठ घंटे की वेटिंग चल रही थी। उस दौरान विसर्जन के लिए शवों की अस्थियां रखना मुश्किल था। एक शव जलने के बाद तुरंत दूसरा शव जलाने के लिए रख दिया जाता था। लेकिन पिछले कुछ दिनों से शवों की संख्या में कमी आई है। जिसके बाद नगर निगम स्वजन को अस्थियां दे रहा है। कर्मचारी शव जलने के बाद विद्युत मशीन से भी अस्थियां उठाकर रख रहे हैं। विद्युत शव दाह गृह में 17 अस्थियां रखी हुई हैं।
स्वजन के कहने पर रखते हैं अस्थियां
जब स्वजन अस्थियां रखने के लिए कहते हैं तो कर्मचारी जलने के बाद मृतक की अस्थियां मशीन से निकाल लेते हैं। उन अस्थियों के कपड़े पर मृतक का नाम लिखकर विद्युत शवदाह गृह के दूसरे माले पर कमरे पर रख देते हैं। ज्यादातर लोग अपनों की अस्थियां लेकर चले जाते हैं। लेकिन कुछ लोग कोरोना की डर की वजह से अस्थियां लेने नहीं आ रहे हैं।
हरनंदी में भी विसर्जित करते हैं अस्थियां
कुछ स्वजन अंतिम संस्कार होता छोड़कर चले जाते है। मजदूरों को पैसे देकर अस्थियों को हरनंदी में विसर्जित करा देते हैं। अस्थियां विसर्जन करने के लिए कई मजदूर हरंनदी के पास खड़े रहते हैं। ये मजदूर प्लेटफार्म से अगले दिन व मशीन से उसी दिन अस्थियां उठा लेते हैं।
अपर नगर आयुक्त का बयान
अस्थियों को ज्यादा दिन तक रोक कर रखा नहीं जा सकता हैं। यदि स्वजन अस्थियां लेने नहीं आते हैं तो ब्रज घाट पर अस्थियों को नगर निगम कर्मचारियों द्वारा विसर्जन कराया जाएगा। प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त
