13 घंटे आराम करने के बाद तेंदुए ने गाजियाबाद कोर्ट परिसर में मचाया था आतंक, 4 लोग घायल
Ghaziabad News गाजियाबाद कोर्ट परिसर में बुधवार देर रात एक तेंदुआ घुस आया जहां उसने न्यायलय परिसर में लगभग 13 घंटे आराम फरमाता लेकिन जब गुरुवार को वहां चलह-पहल शुरू हुई तो उससे लोगों पर हमला कर दिया है।

अभिषेक सिंह, गाजियाबाद l गाजियाबाद न्यायालय परिसर में दहशत फैलाने से करीब 13 घंटे पहले ही तेंदुआ कोर्ट परिसर में प्रवेश कर गया था। इस पूरी अवधि में वह कोर्ट परिसर के छत के गेट के पास आराम फरमाता रहा। तेंदुए ने लोगों पर हमला करना तब शुरू किया जब उसके सामने कोर्ट स्टाफ और एक पुलिसकर्मी पहुंचे।
बार एसोसिएशन के सचिव नितिन यादव ने बताया कि बुधवार आधी रात के बाद दो बजकर 53 मिनट पर तेंदुआ दिखाई दिया था। कोर्ट परिसर में पार्किग के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हुई है। न्यायालय परिसर में बुधवार शाम को घुसे तेंदुए को लेकर बृहस्पतिवार को भी दहशत का माहौल रहा, तेंदुआ भले ही जिले की सीमा से कोसों दूर शिवालिक के जंगल में पहुंचा दिया गया है, लेकिन लोगों की जुबान पर एक ही सवाल था कि वह आखिर न्यायालय परिसर में कैसे घुसा? दिन भर कोर्ट परिसर में तेंदुए की ही चर्चा रही, अधिवक्ता जगह-जगह खड़े होकर तेंदुए के दहशत के निशान देख रहे थे। गुरुवार को न्यायालय परिसर से लेकर कलेक्ट्रेट तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया।
न्यायालय परिसर की सुरक्षा में तैनात पीएसी के जवानों से वार्ता की गई, जिससे तेंदुए के प्रवेश के समय के बारे में जानकारी मिली। जब तेंदुआ कोर्ट परिसर में प्रवेश कर रहा था तब न्यायालय परिसर में कुत्ते भौंक रहे थे, उस समय पीएसी के जवानों ने टार्च की रोशनी से चेक किया लेकिन कोई नजर नहीं आया। बाद में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि तेंदुआ 2.53 बजे न्यायालय परिसर में आया और परिसर में घूमने के बाद चैनल गेट के खुला होने की वजह से तीसरी मंजिल पर चला गया। न्यायालय भवन के छत के दरवाजे पर ताला लगा होने के कारण वह छत पर नहीं जा सका। छत पर सामान्य तौर पर कोई व्यक्ति आता-जाता नहीं है।
छलांग लगाते दिखा तेंदुआ
अधिवक्ता राकेश उपाध्याय भी शाम चार बजे तृतीय तल पर ही मौजूद थे। जब एसीजेएम-तीन के यहां कार्यरत बाबू राहुल और सिपाही जितेंद्र को सीढ़ियों के रास्ते भागते देखा तो कुछ पूछते इससे पहले ही तेंदुआ छलांग लगाते हुए नजर आया। वह भागकर सीढ़ियों के सामने स्थित कक्ष में घुस गए, उनके साथ चार अन्य लोग थे। शाम छह बजे जब भूतल पर तेंदुए के चैनल गेट में बंद होने की जानकारी मिली तो कमरे से बाहर निकले। नहीं मिला संभलने का मौका: राहुल का पीछा करने के बाद तेंदुआ वापस मुड़ा और वह सीजेएम कोर्ट की ओर जाने लगा। उसे देख शोर मचाकर लोग भागने लगे।
बाहर बैठकर जूते पालिश कर रहे सलीम को जब तक कुछ समझ में आता तेंदुआ उस पर हमला कर चुका था। इस दौरान ही सिपाही विकास को भी उसने निशाना बनाया, फिर द्वितीय तल, प्रथम तल पर आतंक मचाते हुए भूतल तक पहुंचा, जहां से उसे बाहर निकलने से पहले ही चैनल गेट बंद कर दिया गया था। जिस कारण वह वहां फंस गया। इसके बाद पुलिस, नगर निगम, वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास शुरू किया। संसाधनों के अभाव के कारण चार घंटे से अधिक समय तक मशक्कत करनी पड़ी, मेरठ से वन विभाग की टीम और संसाधन आने के बाद रात साढ़े आठ बजे तेंदुए को पकड़कर वहां से ले जाया गया।
हमले से घायल 4 लोग
कोर्ट में तेंदुए के हमले से घायल हुए 10 लोगों में से चार की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर मरीजों को सर्वोदय अस्पताल से नेहरूनगर स्थित यशोदा हास्पिटल में शिफ्ट करा दिया है। सीएमओ का दावा है कि घायलों की जान खतरे से बाहर है और चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज चल रहा है। गंभीर मरीजों में कोर्ट में 25 वर्ष से बूट पालिश करने वाले भूड़ भारतनगर के रहने वाले सलीम, प्रमोद तंवर, अशरफ और जितेंद्र कुमार शामिल है।
अस्पतालों में भर्ती घायल दहशत में हैं और घाव देखकर तनाव महसूस कर रहे हैं। नमन जैन की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है। अस्पताल में भर्ती घायलों में से अधिकांश की गर्दन और बाएं हाथ पर ही तेंदुए ने हमला किया। अशरफ के हाथ में चिकित्सकों ने 20 टांके लगाए हैं। विकास के बाएं हाथ और गर्दन में चार टांके लगाए गए हैं। रामावती के दोनों हाथों में घाव हैं। तनवीर और जईम के भी हाथ पर गहरे घाव हैं। विकास ने बताया कि तेंदुए ने संभलने का मौका ही नहीं दिया।
एंटी रेबीज वैक्सीन लगी, सीरम नहीं लगाया गया
संयुक्त अस्पताल में भर्ती पांच घायलों में से किसी को भी एंटी रेबीज सीरम नहीं लगाया गया है। सीएमएस डा. विनोद पांडेय का तर्क है कि कोई धायल गंभीर नहीं है जबकि सर्जन संजय गुप्ता की देखरेख में पांचों मरीजों का इलाज चल रहा है। टिटनेस और एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगा दी गई है।
धूप सेंकने गए तो दिखाई दिया तेंदुआ न्यायालय परिसर की तीसरी मंजिल पर एसीजेएम-तीन के बाबू राहुल बुधवार शाम चार बजे सिपाही जितेंद्र के साथ धूप सेंकने के इरादे से छत पर जाने लगे। छत पर जाने के लिए छह सीढ़ी चढ़कर मुड़े तो तेंदुआ देख उनके होश उड़ गए। वह तेंदुए से बचने के लिए भागे तो तेंदुए ने भी उनको निशाना बनाने के लिए छलांग लगाई। राहुल कहते हैं कि समय अच्छा था कि मैं तेंदुए से बचकर अपने कार्यालय तक पहुंच गया और कमरा अंदर से बंद कर लिया।
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