दिल्ली के स्कूलों में CCTV कैमरे की ‘परीक्षा’ में MCD फेल, निगम के आधे से ज्यादा स्कूलों में नहीं लग सके कैमरे
दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में बीते 5 सालों से CCTV कैमरे लगाने की कवायद की जा रही है लेकिन अभी तक निगम के आधे से ज्यादा स्कूलों में कैमरे नहीं लगाए जा सके हैं। जिससे स्कूलों में होने वाली घटनाओं ने अभिभावनकों की चिंता को बढ़ा दिया है।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। 1,185 स्कूलों में से केवल 399 स्कूलों में ही कैमरे लग पाए हैं। करीब पांच वर्षों से निगम स्कूलों में कैमरे लगाने की कवायद चल रही है। कभी फंड के अभाव में तो कभी स्वयंसेवी संस्थाओं से मदद की आस में कैमरे नहीं लग पाए हैं। आए दिन स्कूलों में होने वाली घटनाओं से अभिभावकों की चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर रहती है।
दिल्ली नगर निगम के अनुसार 1,185 इमारतों में निगम के 1,535 स्कूल संचालित होते हैं और 8.74 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से निगम के केवल 399 स्कूलों में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। शेष 786 स्कूलों में कैमरे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। बड़ी संख्या में निगम स्कूल बिना सीसीटीवी के चल रहे हैं। वर्ष 2018 में पूर्वकालिक दक्षिणी निगम ने सबसे पहले सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू किया था।
दक्षिणी निगम में 388 स्कूल इमारतों में 581 स्कूल संचालित होते थे, जहां पर कैमरे लगाने में 4.65 करोड़ का खर्च आया था। एकीकरण के बाद अब निगम के स्कूलों की संख्या 1,535 हो गई है। यानी जिन स्कूलों में कैमरे लगे हैं, उनमें ज्यादातर स्कूलों की संख्या दक्षिणी दिल्ली के स्कूलों की है। पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के अधीन आने वाले स्कूलों में कैमरे नहीं हैं।
कई स्कूलों में क्लास में नहीं हैं CCTV
निगम के कई स्कूलों में सीसीटीवी तो लगे हैं लेकिन वह केवल प्रवेश, निकास और ग्राउंड की देखरेख के लिए हैं। कक्षाओं में सीसीटीवी नहीं लगे हैं। स्कूलों में ज्यादातर समय बच्चे कक्षा में बिताते हैं। पहले की घटनाएं भी कक्षाओं के अंदर हुई हैं। ऐसे में केवल कक्षाओं में लगे सीसीटीवी खानापूरी हैं।
शोषण करने वाले शिक्षक को किया निलंबित
वहीं, न्यू अशोक नगर थाना क्षेत्र के निगम स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा का यौन शोषण करने वाले 45 वर्षीय निगम शिक्षक को नगर निगम ने निलंबित कर दिया है। स्कूल की प्रधानाचार्य से भी जवाब तलब किया गया है। निगम के कई शिक्षक संघ आरोपित के पक्ष में उतार आए हैं। उनका कहना है कि शिक्षक को गलत फंसाया गया है। निगम अधिकारियों ने बताया कि प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्यों न उन पर कार्रवाई की जाए।
बता दें, निगम स्कूल में शारीरिक शिक्षक ने तीसरी कक्षा की वाली छात्रा का यौन शोषण किया था। बुधवार को पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार किया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपित शिक्षक को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने निगम स्कूल में सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है।
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