वसूले जा रहे ज्यादा पैसे...अव्यवस्था की मार झेल रहा यूपी परिवहन, यात्रियों ने बताई आपबीती
कौशांबी बस अड्डे पर यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। भीषण गर्मी में यात्रियों को पीने के पानी और हवा की सुविधा नहीं मिल पा रही है। परिवहन निगम की बदइंतजामी के चलते यात्री पसीने से तरबतर हो रहे हैं। हालांकि यात्रियों से किराए में सुविधा शुल्क जोड़कर लिया जा रहा है। कैंटीन संचालक 20 की पानी की बोतल 30 रुपये में बेच रहे हैं।

राहुल कुमार, साहिबाबाद। गर्मी तेजी से बढ़ रही है। बुधवार तक तापमान चार डिग्री बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। योगी सरकार ने भी हीटस्ट्रोक से बचाव के लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों पर सीएम के आदेशों का कोई असर नहीं हो रहा है।
प्रदेश के सबसे बड़े कौशांबी बस अड्डे पर न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही हवा की व्यवस्था है। परिवहन निगम की बदइंतजामी के चलते यात्री पसीने से तरबतर हो रहे हैं और उनका गला सूख रहा है। जबकि यात्रियों से किराए में सुविधा शुल्क जोड़कर लिया जाता है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने करीब 15 दिन पहले सभी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को आदेश जारी किया था। इसमें यात्रियों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए बस स्टेशनों पर इंतजाम करने को कहा गया था।
बता दें कि कौशांबी डिपो पर स्थिति अभी भी जस की तस है। पेयजल के लिए टंकी रखी गई है। इसमें जो पानी भरा गया था, वह पीने योग्य नहीं था। पानी खारा होने के कारण यात्री इसे पीने के बजाय हाथ-पैर व मुंह धोने में इस्तेमाल कर रहे थे। यात्री पीया हुआ पानी भी थूक दे रहे हैं। अगर कोई गलती से बोतल में पानी भर भी ले तो एक घूंट पानी पीते ही उसे फेंक देता है।
20 का पानी 30 में खरीदना पड़ रहा
यात्रियों को जब पानी की किल्लत होती है तो वे कैंटीन से पानी खरीदते हैं। डिपो में बनी कैंटीन में खुलेआम पानी का कारोबार चल रहा है। बस डिपो पर पहुंचने वाले ज्यादातर यात्री कैंटीन से पानी खरीदकर पी रहे हैं। कैंटीन संचालक उन्हें 20 रुपये की पानी की बोतल 30 रुपये में बेच रहे हैं। अधिकारी यात्रियों की शिकायत नहीं सुनते।
65 में से 20 से अधिक पंखे खराब
डिपो में करीब 65 पंखे लगे हैं। इनमें से सोमवार को 20 से ज्यादा पंखे खराब पाए गए। कुछ पंखे मरम्मत के लिए उतारे गए थे, लेकिन अभी तक उनकी मरम्मत करके उन्हें लगाया नहीं गया है। यात्रियों को किसी भी सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आठ के बजाय 25 फीट की ऊंचाई पर लगे
डिपो के टीन शेड में 8 की जगह 25 फीट की ऊंचाई पर लगे पंखों की हवा यात्रियों तक नहीं पहुंच पाती। थोड़ी बहुत पहुंच भी जाती है तो गर्म होती है। मुख्यालय को वाटर कूलर की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए मुख्यालय से कोई बजट नहीं मिला है। अपने स्तर पर व्यवस्था की जा रही है।
इस तरह निर्धारित है सुविधा शुल्क
किलोमीटर सुविधा शुल्क
- 0-40 1.25
- 41-85 1.25
- 86-100 1.75
- 101-200 2.75
- 201 और ऊपर 3.75
(नोट : सुविधा शुल्क रुपये में है)
मैं रोडवेज से बदायूं आया हूं। यहां पानी नहीं है, टंकी में जो पानी आ रहा है वह भी खारा है। कैंटीन से 30 रुपये का पानी खरीदना पड़ा।
-अमित, यात्री।
मैं लखनऊ जाने के लिए आया हूं। बस स्टैंड पर लगे ज्यादातर पंखे काम नहीं कर रहे हैं। जो पंखे चल रहे हैं, वे हवा को जमीन तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं। मुझे यहां गर्मी में बैठना पड़ रहा है।
-राजकुमार, यात्री।
सभी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को बस स्टेशनों पर गर्मी से बचाव के इंतजाम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिन डिपो पर पंखे काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें ठीक कराया जा रहा है। यात्रियों की जरूरत के हिसाब से पेयजल की भी व्यवस्था की जा रही है।
-केसरी नंदन चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीएसआरटीसी
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