Ghaziabad: पशु कारोबारी से 23 लाख लूटने वाले छह बदमाश गिरफ्तार, दो साथी अभी भी फरार
गाजियाबाद में एनएच-9 पर 21 अगस्त की शाम पशु कारोबारी नदीम कुरैशी से हुई 23 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। लूट में शामिल छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो बदमाश अभी भी फरार हैं। उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 20.50 लाख रुपये स्कूटी लूट में प्रयुक्त बाइक कार व हथियार बरामद किए हैं।

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। विजयनगर थाना क्षेत्र के एनएच-9 पर 21 अगस्त की शाम पशु कारोबारी नदीम कुरैशी से हुई 23 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से लूटी गई रकम में से 20.50 लाख रुपये, स्कूटी, लूट में प्रयुक्त बाइक, कार व हथियार बरामद किए हैं।
आठ बदमाशों ने रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया था। मामले में दो बदमाश अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। घटना का चंद दिनों में पर्दाफाश करने पर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
दो बदमाश अभी भी फरार
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में मेरठ मुंडाली के तुषार उर्फ हाका, अरूण, मेरठ किठौर के अभय, मेरठ परीक्षितगढ़ के नितिन उर्फ मुनीम, गौतमबुद्ध नगर के कासना के गौरव और नोएडा सेक्टर-143 के धीरज उर्फ रोशन शामिल है, जबकि विशाल और हर्ष अभी फरार है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि गौरव पूरी घटना का मास्टरमाइंड और गैंग का सरगना है। डीसीपी सिटी ने बताया कि करीब तीन महीने पहले गौरव की दिल्ली की एक पार्टी में मोंटी नाम के युवक से मुलाकात हुई थी। मोंटी ने बताया था कि गाजीपुर की मुर्गा मंडी से हवाला का मोटा पैसा इधर-उधर किया जाता है। इस पर गौरव ने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।
बाइक व कार से आए थे लूट करने
एसीपी कोतवाली निमिष पाटिल ने बताया कि सभी आरोपित आपस में दोस्त हैं। लूट में बाइक व कार का इस्तेमाल किया गया था। प्लान के अनुसार, गौरव और अरुण घटना से तीन दिन पूर्व धीरज की स्विफ्ट कार से मुर्गा मंडी पहुंचे। जहां उन्होंने मंडी में आने-जाने वाले कारोबारियों की रेकी की।
आरोपित 21 अगस्त की दोपहर को ही मुर्गा मंडी पहुंच गए थे। वारदात के लिए नितिन ने अपनी बाइक और धीरज ने अपनी स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया था। आरोपियों ने वाहनों की असली नंबर प्लेट भी नहीं बदली थी। यही गलती उनपर भारी पड़ी और कैमरे में कैद हुए नंबर से पुलिस उन तक पहुंची।
स्कूटी और बाइक दोनों को छोड़ फरार हुए बदमाश
एसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि वारदात के बाद बदमाशों ने लूटी गई स्कूटी को सिविल लाइन चौकी के पास सुनसान स्थान पर छोड़ दिया था। स्कूटी की डिग्गी से कैश निकाल कर अभय और तुषार ऑटो से भागे थे, जबकि नितिन अपनी बाइक से शहीदनगर मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में छोड़कर बस से फरार हो गया था।
घटना के बाद सभी आरोपी मेरठ पहुंचे थे। जहां से बंटवारे के बाद वह अलग-अलग हो गए। बाद में आरोपित उत्तराखंड भी घूमकर आए थे। वहां उन्होंने लाखों कीमत के दो आईफोन और ब्रांडेड कपड़े खरीदे थे। आरोपितों ने करीब 40 हजार रुपये शराब पीने में खर्च कर दिए।
ये है पकड़े गए बदमाशों का प्रोफाइल
11वीं पास तुषार के खिलाफ मेरठ के सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास व मुंडाली थाने में मारपीट का केस दर्ज है। पूर्व में वह जेल भी जा चुका है। अभय एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। बीए की पढ़ाई कर रहा नितिन मेरठ के किला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुई डकैती व लूट के प्रयास में शामिल रहा।
वर्तमान में वह ट्रैक्टर चलाकर खेत जोतने का काम करता है। ग्रेजुएट पास अरुण यूपी और दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए सरोजनी नगर दिल्ली में कोचिंग ले रहा है। 12वीं व आइटीआइ पास गैंग सरगना गौरव पूर्व में नोएडा स्थित गोल्फ कोर्स कैडी का काम करता था। जबकि आरोपी धीरज का बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई का काम है।
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