गाजियाबाद में हैवानियत: दो भाइयों की इकलौती बहन थी पीड़िता, आखिरी ऑडियो में बताई दरिंदगी की कहानी
गाजियाबाद में दुष्कर्म के बाद जहर खाने वाली महिला सुरक्षाकर्मी की मौत हो चुकी है। इस दौरान पुलिस जांच में उसका एक ऑडियो सामने आया है जो मौत से पहले का माना जा रहा है। इसमें उसने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी से आरोपित अजय की करतूतों के बारे में बताया है कि वह उसे कैसे छेड़ने के बहाने अपने केबिन में बुलाता था।

गाजियाबाद, आयुष गंगवार। गाजियाबाद दुष्कर्म के बाद जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाली पीड़िता डेढ़ माह पहले ही अपने सपनों को साकार करने के लिए झारखंड के छोटे से शहर गिरिडीह से गाजियाबाद में मौसी के घर आई थी।
वह दो भाइयों की इकलौती बहन थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से 11वीं के बाद उसकी पढ़ाई छूट गई थी। निजी कंपनी में कार्यरत मौसेरे भाई का कहना है कि वह करियर बनाना चाहती थी। इसीलिए एक माह पूर्व सोसायटी में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करना शुरू किया।
वह कहती थी कि मेहनत करूंगी, नौकरी के साथ पढ़ाई भी शुरू करूंगी। पहले 12वीं और फिर ग्रेजुएशन पूरी कर अच्छी नौकरी करूंगी, लेकिन अजय ने उसके हौसले और सपनों को चकनाचूर कर दिया।
प्रसारित ऑडियो के अंश
- वरिष्ठ अधिकारीः हेलो
- पीड़िताः हां सर जी
- वरिष्ठ अधिकारीः क्या दिक्कत है
- पीड़िताः ये (अजय) काम के बहाने मुझे रूम पर बुलाया, बोला रजिस्टर पर तू मेरा साइन करवाने आ जा
- वरिष्ठ अधिकारीः ठीक है
- पीड़िताः मैं गई अंदर, अब वो कह रहे कि तू काम कर ले मेंटेनेंस में, मैं बोली ठीक है सर। आप जिसमें लगाओ, मैं उसमें काम करूंगी। फिर ये कह रहे कि तुझे कोई सामान चाहिए यहां से तो तू ले जाना। जैसे ही मैं अंदर गई, इसने धीरे से गेट बंद कर लिया। कमर पर हाथ रख दिया, क्या इसके बाप का राज चलता है मेरे पे।
- वरिष्ठ अधिकारीः इसके बाप का राज क्यों चलेगा
- पीड़िता : कह रहा, तुझे कोई प्रोब्लम हो तो मुझसे कहना। किस करने की कोशिश कर रहा था मुझसे।
- वरिष्ठ अधिकारीः प्रदीप पहुंच रहा तुम्हारे पास।
- पीड़िताः वो कह रहा कि तू पैसे की टेंशन मत लेना, तुझे पैसे मैं दे दूंगा। तेरे पास फोन नहीं है, मैं तुझे दे दूंगा। तो क्या इसके चलते मैं अपनी इज्जत बेच दूं।
- वरिष्ठ अधिकारीः मैं क्या कह रहा हूं, हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। प्रदीप पहुंच रहा है पांच मिनट में। तू शांति से गार्ड रूम में बैठ।
- पीड़िताः मैं कहीं नहीं बैठ रही सर, मैं तो घर जा रही हूं।
- वरिष्ठ अधिकारीः पांच मिनट रुक जा, क्यों परेशान हो रही तू।
- पीड़िताः मैं इसकी ऊपर कंप्लेंट कर दूंगी सीधा जाकर थाने में।
- वरिष्ठ अधिकारीः मैं करवाऊंगा, तू क्यों परेशान हो रही है।
- पीड़िताः मुझे घर जाना है। फैमिली को पता चलेगा, वो क्या कहेंगे सर।
- वरिष्ठ अधिकारीः कुछ न कहेंगे
- पीड़िताः बाद में कह रहे थे, मैं तेरा टेस्ट ले रहा था। बुरा मत मानना।
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