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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

11 राज्यों में साइबर ठगी करने वाला गिरोह दबोचा, कार को बना दिया था कॉल सेंटर, 700 से अधिक लोगों को ठगा

Published: Thu, 18 Sep 2025 06:50 PM (IST)

गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एक ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कार में कॉल सेंटर बनाकर ठगी करते ...और पढ़ें

कार को बनाया काॅल सेंटर, देशभर में 700 से अधिक लोगों को ठगा
कार को बनाया काॅल सेंटर, देशभर में 700 से अधिक लोगों को ठगा

HighLights

  1. कार में चलता-फिरता कॉल सेंटर, ठग गिरफ्तार |
  2. 700 से अधिक लोगों से ठगी, खुलासा |
  3. फर्जी गैस एजेंसी के नाम पर ठगी |

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर क्राइम पुलिस ने चलती-फिरती कार को काॅल सेंटर बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने विजय नगर थाना क्षेत्र से चार ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित डेढ़ वर्ष से ठगी की घटना को अंजाम दे रहे थे। अब तक देश भर के 700 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके थे। यह गिरोह नौकरी और गैस एजेंसी का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ठगी करता था।

बदलते रहते थे लोकेशन

एडीसीपी क्राइम पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित फर्जी आइडी की सिम से लोगों को काॅल कर उन्हें नौकरी दिलाने का लालच देते थे। काॅल करने के लिए आरोपितों ने आफिस नहीं खोला था। इनके पास होंडा अमेज कार थी। इस कार को अलग-अगल जगह पर खड़ी कर काॅल करते थे। कार खड़ी करने की लोकेशन बदलते रहते थे।

देता था फर्जी आईडी की सिम 

इस वजह आरोपित पुलिस के हाथ नहीं लग रहे थे। गिरफ्तार राहुल यादव और शुभम सिंह चौहान नोएडा की निजी कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों ने ठगी करना शुरू किया। दोनों ने हेमेंद्र और रविंद्र नामक शख्स को भी गिरोह में शामिल कर लिया। रविंद्र धोखाधड़ी से आने वाले पैसों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था। वहीं रविंद्र फर्जी आईडी की सिम की व्यवस्था करता था। वह काॅल करने के लिए डाटा भी उपलब्ध कराता था।

11 राज्यों में सात मामले दर्ज

आरोपित दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाते थे। आरोपितों का दावा है कि उत्तर भारत के लोग ठगी का शिकार आसानी से नहीं होते थे। आरोपितों ने विभिन्न रसोई गैस कंपनियों कूटरचित गैस एजेंसी आवंटन पत्र बनाए थे। इनके पास से 11 मोबाइल, छह चेकबुक, एक पासबुक, आठ एटीएम कार्ड, कूटरचित 337 गैस एजेंसी आवंटन पत्र और होंडा अमेज कार बरामद हुई है। इनके खिलाफ कुल 30 लाख रुपये की साइबर ठगी की घटनाओं में 11 राज्यों में सात मामले दर्ज हैं।

इस तरह करते थे ठगी

आरोपित एजेंसी का आवंटन फार्म भरवाकर पैसे जमा कराते थे। आवंटन पत्र बनाकर वाट्सएप पर भेजते थे। सरकारी वेबसाइट के फर्जी फोटो भी पीड़ित को शेयर करते थे। आरोपित फाइल चार्ज, सिक्योरिटी राशि आदी के नाम पर 1150 से लेकर 13 लाख रुपये तक लेते थे। इनके पास विभिन्न गैस एजेंसी के नाम से 700 से अधिक कूटरचित आवंटन पत्र मिले हैं।

गिरफ्तार आरोपितों का विवरण

आरोपित का नाम  निवास शिक्षा
राहुल यादव क्रसिंग रिपब्लिक गाजियाबाद स्नातक
शुभम सिंह ग्वालियर, मध्य प्रदेश 12वीं पास
हेमेन्द्र काशीरामनगर जनपद कासगंज 12वीं पास
रविंद्र कुमार  गांगीरी जनपद अलीगढ़  5वीं पास

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