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    24 साल बाद भरी अदालत में आरोपियों ने कबूला जुर्म, कोर्ट ने लगाया 700 रुपये का जुर्माना

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 12:11 PM (IST)

    गाजियाबाद में धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के 24 साल पुराने मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। तीन आरोपितों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया जबकि एक की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 700 रुपये का जुर्माना लगाया जिसे न भरने पर आठ दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। आरोपितों के पास से नकली शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए थे।

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    24 वर्ष बाद तीन आरोपित बोले हां हम मुजरिम हैं।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद जनपद में धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के तहत चल रहे केस में कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में उपस्थित तीन आरोपितों ने अपना जुर्म स्वेच्छा से स्वीकार कर लिया।

    बताया गया कि उनका केस 24 वर्ष से कोर्ट में चल रहा था। एक आरोपित की मृत्यु हो चुकी है। कोर्ट ने तीनों पर 700-700 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर आठ-आठ दिन की कारावास भुगतनी पड़ेगी।

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    लोनी पुलिस ने 17 सितंबर 2021 को लोनी की केशव नगर कॉलोनी से सीलमपुर दिल्ली निवासी चरन देवी व देवेंद्र उर्फ डीके, गोकुलपुरी दिल्ली निवासी लच्छू उर्फ ज्ञानचंद और बलवीर को गिरफ्तार किया था। इनके पास से नकली शराब बनाने के उपकरण मिले थे। अवैध शराब बरामद हुई थी। इनके पास खाली प्रिंटिड पाउच मिले। कूटरचित रैपर बरामद हुए। रैपर को असली के रूप में प्रयोग कर रहे थे।

    पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपितों को जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना कर कोर्ट में जार्चशीट दाखिल कर दी। आरोपित जमानत पर रिहा हो गए थे। तभी से यह केस कोर्ट में चल रहा था।

    वहीं, बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में तीनों आरोपितों से अलग-अगल पूछा गया। सबसे पहले लच्छू उर्फ ज्ञानचंद से पूछा गया कि क्या आप स्वेच्छा से जुर्म स्वीकार कर रहे हैं। लच्छू ने जवाब दिया जी हां। दूसरा प्रश्न पूछा गया कि क्या कुछ और कहना है? लच्छू ने जवाब दिया कि वह गरीब व्यक्ति है। उस पर परिवार की जिम्मेदारी है। वह कम से कम सजा देने की याचना करता है।

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    इसके बाद देवेंद्र उर्फ डीके और चरन देवी से जुर्म के बारे प्रश्न पूछे गए। दोनों ने भी कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और कम से कम सजा देने की याचना की। कोर्ट संख्या सात में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज सिंह ने तीनों का बयान सुनकर तस्दीक किया। कोर्ट में तीनों दोषियों के साथ उनके अधिवक्ता उपस्थित रहे।

    कोर्ट ने तीनों पर पांच अलग-अगल धरा में 100-100 रुपये का जुर्माना और एक धारा में 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यानी कुल 700-700 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को आठ-आठ दिन की अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी। चौथी आरोपित बलवीर की मौत हो चुकी है। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।