गाजियाबाद में बिजनेस प्लान मंजूर, अब 220 करोड़ की लागत से सुधरेगी विद्युत व्यवस्था
गाजियाबाद जिले की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 2025-26 का बिजनेस प्लान मंजूर किया है। इसके तहत नेहरू नगर और राकेश मार्ग उपकेंद्रों पर 20 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। करीब 50 किलोमीटर जर्जर तारों को बदला जाएगा। पूरे जिले में विद्युत सुधार के कार्यों पर लगभग 220 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले की बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने 2025-26 का बिजनेस प्लान मंजूर कर दिया है। इसके तहत पहली बार दो उपकेंद्रों पर 20 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
नेहरू नगर और राकेश मार्ग उपकेंद्रों पर फिलहाल 10 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हैं। इन्हें बदलकर अब 20 एमवीए के ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 50 किलोमीटर जर्जर तारों को बदला जाएगा।
विद्युत निगम के मुताबिक, पूरे जिले में विद्युत सुधार के कार्यों पर लगभग 220 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें जोन-एक में लगभग 85.66 करोड़, जोन-दो में लगभग 59.22 करोड़ और जोन-तीन में लगभग 73.78 करोड़ रुपये की लागत से 1369 कार्य प्रस्तावित हैं।
वहीं, इन कार्यों में पावर वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना, पुराने तारों को बदलना और फीडरों का विभाजन प्रमुख हैं। इससे पहले 2024-25 के बिजनेस प्लान के तहत 242.07 करोड़ रुपये की लागत से बिजली व्यवस्था सुधार के कार्य किए गए थे।
यह भी पढ़ें- UPPCL: बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई, गाजियाबाद में चीफ इंजीनियर का तबादला; अधीक्षण अभियंता को मिला अतिरिक्त प्रभार
निगम अधिकारियों का दावा है कि नया प्लान अक्टूबर से लागू कर दिया जाएगा और जनवरी तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि योजनाएं समय पर पूरी हुई तो अगले साल गर्मियों में उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से बड़ी राहत मिलेगी।
जिले के तीनों जोन में 2025-26 के कार्यों का विवरण
कार्यों का नाम कार्यों की संख्या लगभग लागत
- उपकेंद्रों पर लगे पावर वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना 30 37.56 करोड़
- वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि 342 15.78 करोड़
- 250 केवीए के ट्रांसफार्मरों की स्थापना 233 31 करोड़
- 33 केवी लाइन का सुदृढीकरण का कार्य 55 14.68 करोड़
- 11 केवी लाइन का सुदृढीकरण का कार्य 100 16.05 करोड़
- फीडर का विभाजन 34 23.27 करोड़
- एलटी लाइन के जर्जर तारों का बदलना 278 23.84 करोड़
- क्षतिग्रस्त वीसीबी बदलने व नई वीसीबी स्थापित का कार्य 55 8.50 करोड़
- 33/11 केवी उपकेंद्रों का सुदृढीकरण एवं प्रोटेक्शन का कार्य 224 20.25 करोड़
- 33/11 केवी लाइन का निर्माण 8 29.07 करोड़
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।