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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गाजियाबाद की सोासायटी में चल रहा था बड़ा खेल, STF ने छापा मारकर छह लोगों को दबोचा

Published: Sun, 14 Sep 2025 02:52 PM (GMT+05:30)

गाजियाबाद में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एसटीएफ ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगों ...और पढ़ें

सिद्धार्थ विहार स्थित गौर सिद्धार्थम सोसायटी। फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया
सिद्धार्थ विहार स्थित गौर सिद्धार्थम सोसायटी। फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया

HighLights

  1. आरोपितों से फर्जी आईडी पर खुले हुए 100 बैंक खाते मिले
  2. इनमें से 25 खातों में साइबर ठगी के 1.09 करोड़ रुपये जमा हुए
  3. साइबर ठगों से मिले 25 खातों के पीड़ितों से संपर्क कर केस दर्ज कराएगी पुलिस

विनीत कुमार, गाजियाबाद। एसटीएफ की गिरफ्त में शुक्रवार को आए रकम दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाले बदमाश साइबर ठगी में भी शामिल थे। जांच एजेंसी को आरोपितों से 100 बैंक खातों की जानकारी मिली थी जिनमें से 25 खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर हुई।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 25 मामलों की जानकारी दर्ज है, लेकिन किसी भी पीड़ित ने केस दर्ज नहीं कराया। पुलिस अब सभी पीड़ितों से संपर्क कर एफआईआर दर्ज कराएगी जिससे आरोपितों के खिलाफ कानून का शिकंजा कसा जा सके।

शुक्रवार को एसटीएफ ने सिद्धार्थ विहार स्थित गौर सिद्धार्थम सोसायटी में साइबर ठगी और नोट बदलने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।

एसटीएफ ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

कितने रुपये की हुई ठगी?

एसटीएफ का कहना है कि बदमाशों से 100 बैंक खातों की जानकारी मिली थी जिनमें से 25 खातों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर एक करोड़ नौ लाख रुपये की शिकायत दर्ज हैं। जांच में पाया गया कि इनमें से किसी भी मामले में संबंधित पीड़ितों ने अपने थाने में केस दर्ज नहीं कराए।

अब पुलिस पीड़ितों से संपर्क कर ठगी के उन मामलों में एफआईआर दर्ज कराएगी। इसके बाद आरोपियों पर गैंग्स्टर भी लगेगा। पीड़ित तमिलनाडू, उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों के हैं। आरोपित फर्जी आइडी पर खुले खातों को कमीशन पर साइबर ठगों को मुहैया कराते थे।

आरोपितों ने सिद्धार्थ विहार में ही प्रतीक ग्रांड सिटी सोसायटी, इंदिरापुरम में साया गोल्ड सोसायटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील ग्रीन-2, सेक्टर-94 नोएडा स्थित सुपरटेक सुपरनोवा तथा डीएफएफ अंकुर विहार में भी फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर किराए पर फ्लैट लिए हुए हैं।

फर्जी आईडी पर खाते मुहैया कराने वाले बैंककर्मी भी जांच में घिरे

एक फ्लैट में ठगी की घटना करने के बाद आरोपित फरार हो जाते थे। फ्लैट भी फर्जी आईडी पर किराए पर लेते थे। एसटीएफ ने मुकदमे में तीन बैंककर्मियों का नाम भी शामिल कर लिया है जो ठगों को फर्जी आइडी पर खुले बैंक खाते मुहैया कराते थे।

 आरोपितों को फर्जी आइडी पर खुले बैंक खाते बिहार के दानापुर स्थित तकियारपुर में बंधन बैंक शाखा का कर्मचारी तन्मय और सोनपुर के एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी अमिताभ और आयुष मुहैया कराते थे। पुलिस आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार कर जांच का दायरा बढ़ाएगी।

छह पकड़े, सात फरार आरोपितों की तलाश

पकड़े गए आरोपित सोनपुर निवासी गिरोह सरगना शुभम राज, पटना के गलेक्सी अपार्टमेंट निवासी प्रदीप कुमार, पटना के गणेश अपार्टमेंट निवासी धीरज मिश्रा, सोनपुर निवासी सोनू कुमार, सोनपुर निवासी अमरजीत कुमार, शिकारपुर निवासी अनुराग हैं। जबकि फरार आरोपित बिहार के सारन के भैरोंपुर निवासी इंद्रमणि, बिहार के वैशाली स्थित पहेतिया धारहरा निवासी चंचल कुमार, पटना के कालीपुर निवासी मृत्युंजय कुमार, बिहार के सारन के रहीमापुर दिघवारा निवासी अंकित कुमार, पटना निवासी शान्वी और तीनों बैंककर्मी हैं।

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