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बुजुर्ग दंपती को 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखकर ठगा, साेना गिरवी रखवाया और यमुनानगर में मकान तक बिकवाया

Published: Fri, 26 Sep 2025 12:57 PM (IST)

गाजियाबाद के वसुंधरा में एक बुजुर्ग दंपती को साइबर अपराधियों ने मनी लाॅन्ड्रिंग का आरोप लगाकर 19.90 लाख रुपये की ...और पढ़ें

मनी लाॅन्ड्रिंग का आरोप लगाकर बुजुर्ग दंपती को 10 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा।
मनी लाॅन्ड्रिंग का आरोप लगाकर बुजुर्ग दंपती को 10 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा।

HighLights

  1. साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपति से की ठगी।
  2. मनी लान्ड्रिंग का आरोप लगाकर ठगे 19.90 लाख।
  3. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने मनी लाॅन्ड्रिंग का आरोपी बताकर वसुंधरा निवासी बुजुर्ग दंपती को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 19.90 लाख रुपये ठग लिए।

हरियाणा के यमुनानगर में बुजुर्ग दंपती की संपति का सौदा कराया गया, इतना ही नहीं बैंक लाॅकर में रखे सोने को गिरवी रखवाकर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर कराई गई।

बुजुर्ग को बेटे को जब गड़बड़ी का पता चला तब वह अपने माता-पिता को यमुनानगर से गाजियाबाद लेकर आए और पुलिस को मामले की शिकायत की। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर निवासी 61 वर्षीय संजय कुमार वसुंधरा में बीते करीब सात माह से पत्नी के साथ बेटे से अलग रहते हैं। पांच सितंबर को उनके पास एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को मुंबई के कोलाबा थाना इंचार्ज विश्वास नागर बताया।

उन्हें धमकाते हुए कहा कि उनके मोबाइल नंबर से कई बैंक खाते खाेले गए हैं। जिनमें छह करोड़ रुपये की मनी लाॅन्ड्रिंग संजय राउत के जरिए हुई है। इस मामले में मुकदमा दर्ज और उनके गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। पुलिस, ईडी और सीबीआई उन पर निगरानी रखे हुए हैं।

इसके बाद उन्हें एक कथित सीबीआई अधिकारी का फोन आया, जिसने स्वजन के बारे में पूछा। दंपती ने बताया कि उनके सिवा यहां कोई नहीं रहता। उनका बेटा और बहू सात माह पूर्व ही अलग फ्लैट में रहने लगे हैं।

निगरानी की बात कह सारी रात मोबाइल का कैमरा चालू रखकर सोने को कहा गया। सुबह फिर से वीडियो काॅल कर प्रापर्टी की जानकारी ली। पीड़ित ने बताया कि यमुनानगर में उनके दो मकान और एक भूखंड है।

ठगों ने उन्हें 35 लाख रुपये जमा करने और जांच पूरी होने पर पैसे वापस होने का दावा किया। सात सितंबर को दंपती को यमुनानगर जाकर मकान बेचकर पैसे जमा करने की धमकी दी। रुपये जमा न करने पर जेल भेजने और स्वजन को बदमाश द्वारा हत्या करने की धमकी दी।

घबराए पीड़ित अपनी पत्नी के साथ सात सितंबर को यमुनानगर के लिए बस से निकले। साइबर ठगों ने बस का टिकट और फोटो भी वाॅट्सएप पर मंगाए और वीडियो काॅल करते रहे। रास्ते में साइबर ठगों ने बताया कि वह जांच होने तक यमुनानगर मकान में एक कमरे में बंद रहें।

दंपती ने ऐसा ही किया। पीड़ित दंपती ने एफडी तुड़वाई, मकान गिरवी रखा और सोने के गहने मुथुट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया और ठगों के बताए खातों में 19.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

ठग उन्हें लगातार वीडियो काॅल के जरिए निगरानी की बात बोतलकर रुपयों का इंतजाम करने के लिए बोल रहे थे। 15 सितंबर को उनका बेटा यमुनानगर आवास पर पहुंचा और दंपती को कमरे से बाहर निकाला और गाजियाबाद लेकर पहुंचा। इसके बाद पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया गया है।

पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन मोबाइल नंबरों से काल आई उनकी जानकारी निकलवा रहे हैँ और जिन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर हुए उन्हें फ्रीज कराकर डिटेल ली जा रही है। शीघ्र आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- भास्कर वर्मा, एसीपी क्राइम

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