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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Election 2024: मायावती ने गाजियाबाद सीट पर क्यों बदला अपना प्रत्याशी? अब इन पर जताया भरोसा; रोचक हुआ चुनाव

Published: Tue, 02 Apr 2024 08:28 AM (IST)

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से अंशय कालरा को अपना उम्मीदवार घोषित करने के चार दिन बाद ...और पढ़ें

गाजियाबाद से बहुजन समाज पार्टी ने नंद किशोर पुंडीर (क्षत्रिय) को प्रत्याशी बनाया।
गाजियाबाद से बहुजन समाज पार्टी ने नंद किशोर पुंडीर (क्षत्रिय) को प्रत्याशी बनाया।

HighLights

  1. हाथी की चाल बढ़ाने को बसपा ने चार दिन में ही बदल दिया प्रत्याशी
  2. बसपा ने क्षत्रिय को उम्मीदवार घोषित कर लोकसभा चुनाव बनाया रोचक
  3. 10 साल तक गाजियाबाद से वीके सिंह सांसद रहे

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। हाथी की चाल बढ़ाने को बसपा ने चार दिन में ही प्रत्याशी बदल दिया है। गाजियाबाद से बहुजन समाज पार्टी ने नंद किशोर पुंडीर (क्षत्रिय) को लोकसभा प्रत्याशी बनाकर चुनाव रोचक बना दिया है। 10 साल तक गाजियाबाद से वीके सिंह सांसद रहे हैं।

BJP ने अतुल गर्ग पर जताया भरोसा

भाजपा द्वारा वैश्य वर्ग से शहर विधायक अतुल गर्ग को लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। इसी क्रम में आइएनडीआइए ने डाली शर्मा (ब्राहमण) को प्रत्याशी बनाया है। चार दिन पहले ही बसपा ने गाजियाबाद सीट से अंशय कालरा (पंजाबी) को प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन सोमवार को अंशय की जगह नंद किशोर पुंडीर को बसपा प्रत्याशी बनाया है।

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मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं नंद किशोर पुंडीर

बसपा जिला अध्यक्ष दयाराम सैन ने इसकी पुष्टि की है। उनके मुताबिक नंद किशोर पुंडीर मूल रूप से मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं और धौलाना में भी आवास है। उनका व्यवसाय ठेकेदारी है। धौलाना में कृषि की जमीन भी है। 50 वर्षीय नंद किशोर पुंडीर बुधवार को नामांकन कर सकते हैं। इसके लिए सोमवार दोपहर को नए प्रत्याशी ने नामांकन पत्र खरीदा है।

गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में वर्गवार अनुमानित मतदाता

वर्ग मतदाता
क्षत्रिय पांच लाख
मुस्लिम साढ़े चार लाख
दलित चार लाख
गुर्जर तीन लाख
ब्राह्मण ढ़ाई लाख
वैश्य दो लाख
जाट डेढ लाख
त्यागी एक लाख

बार बार प्रत्याशी बदलने से बसपा कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है और इसके साथ ही बसपा में गुटबाजी बढ़ने की भी संभावना हैं हालांकि पूर्व के लोकसभा चुनाव में भी बसपा द्वारा नामांकन के ऐन वक्त पर प्रत्याशी बदले गए हैं।

बसपा जिला अध्यक्ष का कहना है कि गाजियाबाद के लोगों की मांग थी कि क्षत्रिय वर्ग से उम्मीदवार होना चाहिए। बता दें कि भाजपा से क्षत्रिय वर्ग से प्रत्याशी न बनाने का कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।