जलकुंभी से पटी हरनंदी, छठ पूजा कैसे करेंगी परसंदी
जागरण संवाददाता गाजियाबाद जलकुंभी से पटी हरनंदी में छठ पूजा करने के नाम पर अभी से ही ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : जलकुंभी से पटी हरनंदी में छठ पूजा करने के नाम पर अभी से ही परसंदी परेशान हैं। उदलनगर की रहने वाली परसंदी ही नहीं मंजू, राजबती, सुषमा, सावित्री और सविता को भी यही चिता खाए जा रही है। दरअसल आते-जाते वक्त उक्त सभी महिलाएं हरनंदी के किनारे उगी जलकुंभी को देख रही हैं। यह जलकुंभी छठ पर्व में बाधा डाल सकती है।
सिचाई विभाग के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के बाद इस संबंध में डीएम को एक रिपोर्ट भेजी है। विभाग की मंशा है कि हर हाल में दिवाली से पहले हरनंदी के सभी घाटों पर उग आई जलकुंभी की सफाई हो जाए। इस संबंध में हेड वर्क्स, खंड आगरा, ओखला नई दिल्ली के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर जलकुंभी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। दिवाली के साथ ही छठ पर्व की तैयारी तेज हो गई है। बीस नवंबर को छठ पर्व है। इससे पहले 19 नवंबर को हरनंदी के घाटों पर हजारों महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी और अगले दिन सुबह को उगते सूर्य को अर्घ्य को देकर पूजा करेंगी। जलकुंभी की भरमार और कम पानी के चलते परेशानी हो सकती है। हरनंदी के घाटों पर वसुंधरा, इंदिरापुरम और वैशाली तक दो दिन पूजा होगी।
----
सौ क्यूसेक पानी छोड़ने को लिखा पत्र
सिचाई विभाग निर्माण खंड ने हरनंदी में साफ पानी की आपूर्ति के लिए मेरठ खंड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि छठ पर्व पर श्रद्धालुओं के स्नान करने एवं पूजा करने के लिए स्वच्छ पानी की जरूरत है। पत्र में मांग की गई है कि गंगनहर की सफाई खत्म होते ही हरनंदी में सौ क्यूसेक पानी छोड़ दिया जाए,ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
----
छठ पर्व की तैयारी के क्रम में हरनंदी की जलकुंभी को साफ कराया जा रहा है। स्वच्छ पानी में श्रद्धालुओं के स्नान एवं पूजा किए जाने के लिए गंगनहर से सौ क्यूसेक पानी छोड़े जाने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम और जीडीए को पत्र भेजकर घाटों की सफाई का अनुरोध किया गया है।
- नीरज लांबा, अधिशासी अभियंता, सिचाई विभाग निर्माण खंड

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।